Connect with us

दुनिया

ड्रैगन की बंद नहीं हो रही गंदी हरकत, अब तिब्‍बत सीमा के पास बनाई 20 किलोमीटर लंबी सड़क!

इस दल ने बताया कि बीते वर्ष अक्टूबर में तिब्बत में भारत की ओर के आखिरी ग़ांव तांगों तक ही सड़क थी, लेकिन इस बार बर्फ हटते ही दो महीने में तिब्बत के तांगों ग़ांव से भारत सीमा की ओर 20 किलोमीटर तक सड़क का निर्माण कर दिया गया है।

Published

on

Kannaur Tibet

नई दिल्ली। गलवान घाटी में चीनी सैनिकों और भारतीय सैनिकों के बीच हुए झड़प के बाद भी चीन अपनी चालबाजी नहीं छोड़ रहा है। चीन अपनी हरकतों से बाज ना आते हुए अब हिमाचल के किन्नौर जिले की सीमा से सटे अपने कब्जे वाले तिब्बत में सड़क निर्माण किया है। बता दें कि चीन ने इस जगह पर 20 किमी तक सड़क निर्माण किया है।

India china army

बता दें कि किन्नौर में तिब्बत से 120 किमी का बॉर्डर एरिया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ा मामला होने के कारण प्रशासन और सुरक्षा बलों के अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। जानकारी के अनुसार, चीन ने सीमा से सटे किन्नौर जिला के मोरंग घाटी क्षेत्र के कुनु चांग से आगे खेम कुल्ला पास की ओर सड़क बनाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया है। दो किलोमीटर के नो मेन्स लैंड क्षेत्र में भी चीन द्वारा सड़क निर्माण करने की आशंका है।

चीन द्वारा सड़क निर्माण का खुलासा हाल ही में तब हुआ जब चारंग गांव का 9 सदस्यीय दल 16 घोड़े और 5 पोर्टर और अर्धसैनिक बल के कुछ जवान के साथ गांव से करीब 22 किलोमीटर ऊपर बार्डर की ओर गए थे। उन्होंने देखा कि, दो महीने में चीन ने तेजी से करीब 20 किलोमीटर सड़क का निर्माण भारत-तिब्बत सीमा की ओर किया है।

Tbeit Border

इस दल ने बताया कि बीते वर्ष अक्टूबर में तिब्बत में भारत की ओर के आखिरी ग़ांव तांगों तक ही सड़क थी, लेकिन इस बार बर्फ हटते ही दो महीने में तिब्बत के तांगों ग़ांव से भारत सीमा की ओर 20 किलोमीटर तक सड़क का निर्माण कर दिया गया है। दूसरी ओर, सांगला घाटी के छितकुल के पीछे तिब्बत के यमरंग ला की ओर भी सड़क निर्माण किया जा रहा है। बता दें कि किन्नौर के कुन्नू चारंग गांव के समीप रंगरिक टुम्मा तक सीमा पार से कई बार अंधेरा होते ही ड्रोन या कोई अन्य यूएफओ की तरह आने की शिकायत की बात भी सामने आई है। बौद्ध भिक्षुओं ने रंगरिक टुम्मा में 8 जून को करीब 20 ड्रोन देखा था। लोगों ने बताया है कि एक से अधिक संख्या में इस तरह के ड्रोन का आना आम बात हो गई है।

Kannaur Tibet

चीन सीमा से सटे ग़ांव चारंग के ग्रामीणों ने खेमकुल्ला पास से सीमा की रेकी की है। दल में शामिल बलदेव नेगी, जेपी नेगी, विपिन कुमार, भागी राम, नीरज, मोहन आदि ने बताया कि अब केवल 2 किलोमीटर का क्षेत्र चीन की ओर से बार्डर तक सड़क निकालना बाकी है। उन्होंने बताया वर्तमान में सड़क बनाने का कार्य तेजी से चला है। उन्होंने देखा कि 5 पोक लेन व कुछ बड़े-बड़े डंपर सड़क निर्माण में लगे हैं। बलदेव नेगी ने बताया वे दल के साथ अपने 16 घोड़े भी ले कर गए थे। उन्होंने बताया कि चीन की ओर से सांगला घाटी के छितकुल की ओर तिब्बत क्षेत्र में यमरंगला की तरफ से भी सड़क निर्माण की गतिविधियां हो रही हैं।

Advertisement
Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Advertisement
Advertisement