
वॉशिंगटन। भारत को रेसिप्रोकल टैरिफ मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप छूट दे सकते हैं। ट्रंप की तरफ से ऐसी ही छूट अमेरिका के करीबी देश इजरायल और वियतनाम को भी मिल सकती है। वियतनाम की सरकार ने पहले ही कहा है कि ट्रंप की तरफ से रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के बाद वो कोई पलटवार नहीं करने जा रही है। सीएनएन की रिपोर्ट कह रही है कि टैरिफ मुद्दे को सुलझाने के लिए ट्रंप प्रशासन की भारत, इजरायल और वियतनाम के अफसरों से बातचीत चल रही है। अगर ये बातचीत किसी नतीजे पर पहुंची, तो 10 अप्रैल को लागू होने वाले टैरिफ से भारत, इजरायल और वियतनाम को छूट मिल जाएगी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 26 फीसदी का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है। वहीं, वियतनाम पर 46 फीसदी का टैरिफ लगाया गया है। इजरायल पर ट्रंप ने 17 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है। ट्रंप ने पहले कई बार कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी उनके अच्छे दोस्त हैं, लेकिन भारत बहुत ज्यादा टैरिफ वसूलता है। अमेरिका से आयात होने वाले सामान पर भारत 52 फीसदी का टैरिफ लगाता है। वहीं, वियतनाम की सरकार अमेरिका से आने वाले सामान पर 90 फीसदी और इजरायल 33 फीसदी टैरिफ लेता है। ट्रंप ने खुद कहा है कि हर देश ने बातचीत के लिए कॉल की है। अगर भारत की बात करें, तो उसने टैरिफ का मसला सुलझाने के लिए पहले ही कदम उठाए हैं।
भारत और अमेरिका ने टैरिफ के मसले पर बातचीत के लिए अपने प्रतिनिधियों का एलान किया है। बीते दिनों दिल्ली में भारत और अमेरिका के वाणिज्य मंत्रालय के अफसरों के बीच 4 दिन बैठक भी हुई थी। इसके अलावा ट्रंप ने जब पहले एलान किया था कि वो रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएंगे, तो पीएम नरेंद्र मोदी ने मसले पर बातचीत के लिए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को 3 मार्च को अमेरिका भेजा था। जहां पीयूष गोयल ने अमेरिका के वाणिज्य मंत्रालय के तमाम बड़े अफसरों से बातचीत की थी। अब उम्मीद बंधी है कि भारत पर अमेरिका का टैरिफ शायद न लगे। हालांकि, विशेषज्ञ और वाणिज्य मंत्रालय के अफसर पहले ही कह चुके हैं कि ट्रंप के टैरिफ का भारत पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।