
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के 60 देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया, लेकिन रूस को छोड़ दिया। अब ऐसे में चर्चा इसकी हो रही है कि डोनाल्ड ट्रंप ने बीते दिनों कहा था कि अगर रूस ने यूक्रेन से जंग रोकने का कदम नहीं उठाया, तो उसके कच्चे तेल पर भारी-भरकम टैरिफ लगाएंगे। फिर रूस को ट्रंप ने टैरिफ से बख्श क्यों दिया है? इस बारे में ट्रंप के सरकारी आवास व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट से भी सवाल पूछा गया। कैरोलिन लेविट ने इस पर अलग ही किस्म की दलील दी है। ये दलील अजब सी लगती है।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट से जब पत्रकारों ने रूस पर टैरिफ न लगाने के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि रूस पर अमेरिका पहले ही कड़े प्रतिबंध लगा चुका है। इसलिए उस पर अलग से टैरिफ लगाने की जरूरत नहीं है। माना जा रहा है कि रूस पर टैरिफ न लगाने का ट्रंप ने इस वजह से फैसला किया है ताकि यूक्रेन से उसकी जंग रुकवाने में कोई नया अड़ंगा न लग जाए। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि व्लादिमिर पुतिन उनके अच्छे दोस्त हैं, लेकिन फिर भी वो रूस के राष्ट्रपति से काफी नाराज हैं। ट्रंप ने इसके साथ ही कहा था कि अगर रूस ने यूक्रेन से जंग न रोकी, तो वो पुतिन के देश के कच्चे तेल पर 25 फीसदी टैरिफ लगाएंगे।
ट्रंप की इस धमकी पर रूस ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी, लेकिन लग रहा है कि टैरिफ न लगाकर ट्रंप चाहते हैं कि यूक्रेन मसले पर कोई डील हो जाए। बीते दिनों ही अमेरिका के अफसरों ने रूस के अफसरों से सऊदी अरब में बातचीत की थी। रूस पहले ही जंग रोकने के लिए यूक्रेन पर दबाव डाल चुके हैं। इस पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा था कि इसके लिए वो तैयार हैं। वहीं, रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने भी जंग रोकने पर सहमति जताई थी, लेकिन कुछ सवाल भी खड़े किए थे। खास बात ये है कि अमेरिका के अफसरों से बातचीत के बाद यूक्रेन और रूस दोनों ने ही एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। रूस ने ये आरोप भी लगाया कि उसके कब्जे वाले इलाकों के ऊर्जा संयंत्रों पर यूक्रेन ने हमले किए। अब देखना है कि डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ न लगाने पर रूस क्या यूक्रेन से जंग रोकता है?