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Nancy Pelosi in Taiwan: ताइवान छोड़ने से पहले नैंसी पेलोसी का बड़ा बयान, ड्रैगन को दे डाली चुनौती!

Nancy Pelosi in Taiwan: नैंसी पेलोसी ने ताइवान छोड़ने से पहले बड़ा बयान दिया है। नैंसी ने चीन को जाते-जाते ड्रैगन को चुनौती दे डाली है।  उन्होंने कहा कि ताइवान के लोकतंत्र के लिए हमारा समर्थन है। इसके साथ पेलोसी ने रक्षा, आर्थिक समेत हर मुद्दे पर ताइवान के साथ खड़े होने की बात कही है। वहीं उनके इस बयान के बाद चीन को मिर्ची लग सकती है।

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नई दिल्ली।अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी बीते कुछ दिनों से सुर्खियों में छाई हुई है। इसके पीछ की वजह उनकी ताइवान दौरा है। जिसके बाद से ही चीन और अमेरिका की लगातार तनातनी देखने को मिल रही है। चीन नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे को लेकर भड़का हुआ है। वहीं चीन और अमेरिका के तनातनी के बीच सबकी निगाहें नैंसी पेलोसी के साउथ कोरिया दौरे पर टिकी हुई है। बता दें कि भारतीय समय के अनुसार नैंसी पेलोसी को 2.30 बजे के करीब ताइवान से साउथ कोरिया रवाना होना है। लेकिन नैंसी पेलोसी का विमान ताइवान के तपाई से उड़ान भर पाएगा या नहीं। इसको लेकर सस्पेंस है। दरअसल इसी पीछे की चीन की एक बड़ी चाल मानी जा रही है। चीन ने एक फरमान जारी करते हुए सभी इंटरनेशनल फ्लाइट्स को ताइवान के पास के एयर स्पेस का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी है। इतना ही नहीं चीन की इस चेतावनी के बाद कई एयरलाइंस ने अपने रूट में बदलाव भी किया है।

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लेकिन अब खबर है कि वो ताइवान से साउथ कोरिया के लिए रवाना हो रही है। इसी बीच नैंसी पेलोसी ने ताइवान छोड़ने से पहले बड़ा बयान दिया है। नैंसी ने चीन को जाते-जाते ड्रैगन को चुनौती दे डाली है। उन्होंने कहा कि ताइवान के लोकतंत्र के लिए हमारा समर्थन है। इसके साथ पेलोसी ने रक्षा, आर्थिक समेत हर मुद्दे पर ताइवान के साथ खड़े होने की बात कही है। वहीं उनके इस बयान के बाद चीन को मिर्ची लग सकती है। चीन उनके ताइवान दौरे को लेकर अमेरिका पर बिफरा हुआ है। ऐसे में नैंसी पेलोसी का कड़ा रूख चीन और अमेरिका के बीच तकरार को और बढ़वा दे सकता है।

वहीं, अगर ताइवान वाले मुद्दे की बात करें, तो चीन ताइवान पर अपना दावा करता है, जबकि साल 1949 ताइवान खुद को आजाद मुल्क बताता हुआ आ रहा है, लेकिन चीन इन दावों को सिरे से खारिज करता है ।उधर, अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर चीन की तरफ से ताइवान के विरुद्ध किसी भी प्रकार का कदम उठाया जाता है, तो अमेरिका की तरफ ताइवान को हर मुमकिन सैन्य मदद दी जाएगी। हालांकि, अभी दुनिया में बहुत कम ही ऐसे देश हैं, जिन्होंने ताइवान को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है। अभी तक महज 14 देशों ने ही ताइवान को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है।

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