सीमा विवाद को लेकर अमेरिका ने खोली चीन को पोल, दिया ये बड़ा बयान

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कायले मैकनेनी ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है, ‘भारत और चीन के संबंध में हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। भारत और चीन दोनों ने तनाव कम करने की इच्छा व्यक्त की है। हम वर्तमान स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करते हैं।’

Written by: July 2, 2020 9:41 am

नई दिल्ली। सीमा विवाद को लेकर चीन की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। एक तरफ जहां भारत सरकार ने ड्रैगन को सबक सिखाने के लिए टिकटॉक समेत 59 चीनी एप्स को प्रतिबंधित करने सहित कई सख्त कदम उठाए हैं। वहीं, भारत और चीन के बीच तनाव को लेकर अमेरिका ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है, जिससे चीन को झटका बड़ा लगा सकता है। बता दें कि एलएसी पर चीन के साथ तनाव को लेकर अमेरिका भारत के साथ खड़ा है। गलवान घाटी में शहीद हुए भारत के 20 सैनिकों को अमेरिका ने श्रद्धांजलि भी दी। अमेरिका की ओर से बयान भी आ चुका है कि वह मामले पर नजर बनाया हुआ है।

Modi and trump

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कायले मैकनेनी ने बताया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि भारत और क्षेत्र में अन्य देशों के खिलाफ बीजिंग का आक्रामक रवैया चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का असली चेहरा है। भारत और चीन के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख में हुई हिंसक झड़प पर उन्होंने कहा कि अमेरिका स्थिति पर करीबी नजर बनाए है और उसके शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करता है।

मैकनेनी ने बताया कि राष्ट्रपति ने कहा, ‘भारत-चीन सीमा पर चीन का आक्रामक रुख दुनिया के अन्य हिस्सों में चीनी आक्रामकता के बड़े पैटर्न के साथ फिट बैठता है। ये कार्रवाई केवल चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की वास्तविक प्रकृति की पुष्टि करती है।’

अमेरिका ने चीनी एप पर प्रतिबंधों की भारत की नीति का स्वागत किया

इससे पहले चीन के 59 ऐप्स को बैन करने के फैसले पर भारत को अमेरिका का समर्थन मिला है। अमेरिका ने भारत की इस कार्रवाई की सराहना की है।अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने चीनी एप पर प्रतिबंधों की भारत की ‘क्लीन एप’ नीति का स्वागत किया है। बता दें कि एक ओर जहां कोरोना महामारी  को लेकर वो अमेरिका के निशाने पर है तो वहीं लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भारत उसकी हर नापाक साजिशों का मुंहतोड़ जवाब दे रहा है। उन्होंने कहा कि इससे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत होगी और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) की जासूसी पर लगाम लगेगी। भारत ने हाल ही में 59 चीनी पर प्रतिबंध लगाया गया है।

mike pompeo

वाशिंगटन में संवाददाताओं के साथ बातचीत में माइक पोम्पियो ने कहा, ‘चीन द्वारा जासूसी के लिए उपयोग की जा रही एप पर भारत द्वारा लगाए गए प्रतिबंध का हम स्वागत करते हैं। इससे भारत की संप्रभुता के साथ ही आंतरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा होगी। भारत सरकार ने भी अपने बयान में ऐसा ही कहा है।’