OLD लाइफस्टाइल

ग भरे होली के त्योहार आने में अब कुछ ही दिन रह गए है और ऐसे में लोग इस त्योहार को मनाने के लिए काफी उत्साहित दिख रहे हैं। होली की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।

होली का त्योहार हो और बात गुलाल के साथ भांग की न की जाए, तो मानो कुछ अधूरा सा रह गया है। अपने त्योहार का मजा दोगुना करने के लिए इस दिन कुछ लोग गुझिया के साथ ठंडई में भांग मिलाकर भी पीते हैं।

रंगों के त्योहार होली में पिचकारियां तो छूटेंगी, गुलाल तो उड़ेंगे, गुबारों के रंगों से सराबोर होने के लिए हम कब से तैयार बैठे हैं, लेकिन इसी दौरान रंग खेलने से ज्यादा रंग छुड़ाने, त्वचा एवं बालों को हुए नुकसान को लेकर चिंतित रहते हैं।

भारत-थाईलैंड राजनयिक संबंधों के 72 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रॉयल थाई एम्बेसी की ओर से आयोजित तीन दिवसीय नमस्ते थाईलैंड महोत्सव की शुरुआत 15 मार्च से होगी और इसका समापन 17 मार्च को होगा।

सोने के वक्त और खाने के वक्त में कुछ अंतराल रखें। कहने का मतलब है कि तुरंत खाना खाकर ही बिस्तर पर न कूद पड़ें। सोने से तुरंत पहले खाना खाने से ब्लड शुगर और इंसुलिन तो बढ़ेगा ही साथ ही बेचैनी भी रहेगी। इसकी वजह से वजन बढ़ सकता है

दुर्भाग्य से, लगातार बढ़ती घटनाओं के बावजूद, गुर्दे की बीमारी को अभी भी भारत में उच्च प्राथमिकता नहीं दी जाती है। सीकेडी के उपचार और प्रबंधन का आर्थिक कारक भी रोगियों और उनके परिवारों के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है।

दुनियाभर में किडनी की बीमारी से प्रभावित लोगों की संख्या लगातार बढ़ने से इस बीमारी से निवारण और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए मार्च के दूसरे गुरुवार को 'वल्र्ड किडनी डे' मनाया जाता है।

आंकड़े बताते हैं कि भारतीयों को खराब जीवन शैली से लेकर जीन-संरचना तक अनेक कारकों के चलते, अन्य जातीय समूहों की तुलना में, लगभग 8 से 10 साल पहले ही दिल के दौरे का शिकार होना पड़ जाता है।

आयुर्वेद में पुनर्नवा पौधे के गुणों का अध्ययन कर भारतीय वैज्ञानिकों ने इससे 'नीरी केएफटी' दवा की है, जिसके जरिए गुर्दा (किडनी) की बीमारी ठीक की जा सकती है।