Ayurvedic Remedy : कोरोना से बचाएगी ये आयुर्वेदिक दवा?, क्लिनिकल ट्रायल में दिखे आश्चर्यजनक परिणाम

Ayurvedic Remedy : CTRI द्वारा अनुमोदित यह परीक्षण सरकारी मेडिकल अस्पताल, श्रीकाकुलम आंध्र प्रदेश, पारुल सेवाश्रम अस्पताल, वडोदरा(Vadodara), गुजरात(Gujrat) और लोकमान्य अस्पताल पुणे, महाराष्ट्र में COVID-19(Corona) पॉजिटिव रोगियों पर किया जा रहा है।

Avatar Written by: September 29, 2020 1:21 pm
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नई दिल्ली। कोरोनावायरस की वजह से पूरी दुनिया परेशान हैं। भारत में इसे बहुत पहले ही महामारी घोषित किया जा चुका है। पूरी दुनिया में कोरोना ने अबतक 3.35 करोड़ के पार पहुंच गया है, अबतक दुनियाभर में कोरोना वायरस की वजह से 10.06 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि पूरी दुनिया में 2.48 करोड़ से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से ठीक भी हो चुके हैं। वहीं जहां कोरोना की वजह से दुनिया में वैक्सीन की दरकार है तो ऐसे  भारतीय आयुर्वेद पद्धति की तरफ एक उम्मीद की किरण सामने आई है। बता दें कि देश के तीन अस्पतालों में आयुर्वेदिक दवा क्लिनिकल ट्रायल में आश्चर्यजनक परिणाम देखने को मिले हैं। एक प्रारंभ्कि रिपोर्ट से पता चला है कि कोरोना के मरीजों पर आयुर्वेदिक दवा बेहतरीन असर कर रही है। कोरिवल लाइफ साइंसेज की ‘इम्यूनोफ्री’ नामक आयुर्वेदिक दवा और बायोगेटिका की ‘रेग्निम्यून’ नामक दवा के संयोजन ने असाधारण परिणाम दिखाए हैं।

Corona Pic

इसके अलावा, कोरोनोवायरस के लिए पारंपरिक उपचार की तुलना में सी रिएक्टिव प्रोटीन, प्रोलिसिटोनिन, डी डिमर और आरटी-पीसीआर जैसे कई परीक्षण भी प्राकृतिक उपचार के लिए 20 से 60 प्रतिशत बेहतर सुधार दिखा रहे हैं। शरीर के दर्द और थकान जैसे कई लक्षणों पर भी यह प्राकृतिक उपचार बेहतर परिणाम दे रहा है। तुलना करने पर पता चलता है कि प्राकृतिक चिकित्सा लेने वाले 86.66 प्रतिशत रोगी 5 दिनों में कोरोना निगेटिव पाए गए, वहीं पारंपरिक उपचार लेने वालों में यह 60 प्रतिशत था। इसके अलावा, 10 वें दिन परीक्षण में, सभी रोगी निगेटिव पाए गए।

भारत में 3 अस्पतालों में ‘इम्यूनोफ्री’ और ‘रेग्निम्यून’ का अध्ययन किया जा रहा है। CTRI द्वारा अनुमोदित यह परीक्षण सरकारी मेडिकल अस्पताल, श्रीकाकुलम आंध्र प्रदेश, पारुल सेवाश्रम अस्पताल, वडोदरा, गुजरात और लोकमान्य अस्पताल पुणे, महाराष्ट्र में COVID-19 पॉजिटिव रोगियों पर किया जा रहा है।

Ayurvedic

 

इसके अलावा जो तथ्य सामने आया है वह यह है कि यह एकमात्र ऐसा समय है, जब आधे रोगियों को केवल प्राकृतिक उपचार दिया गया है, जिसकी तुलना COVID-19 रोगियों के लिए भारत में उपयोग किए जाने वाले पारंपरिक उपचार से की जा रही है। वहीं दूसरी ओर एलोपैथिक मैडिसिन की बात करें तो देश भर में कोरोना के इलाज में HCQ, Azithromycin, Favipiravir और Cetirizine शामिल हैं।