भारत में हर महीने 10 करोड़ तक कोरोना वैक्सीन की खुराक बनाएगा सीरम इंस्टीट्यूट

देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में दुनिया भर में सैकड़ों देश कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की कवायद कर रहे हैं।

Avatar Written by: August 23, 2020 3:25 pm
corona vaccine

नई दिल्ली। देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) का संक्रमण तेजी से बढ़ता जा रहा है। ऐसे में दुनिया भर में सैकड़ों देश कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) की कवायद कर रहे हैं। कई देशों की वैक्सीन ट्रायल के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस बीच भारत का सीरम इंस्टीट्यूट (Serum Institute of India) हर महीने 6 करोड़ कोरोना वैक्सीन की खुराक का उत्पादन करने जा रहा है। सीरम इंस्टीट्यूट ने ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से तैयार वैक्सीन के उत्पादन के लिए एस्ट्राजेनका कंपनी के साथ समझौता किया है। सीरम ने इस वैक्सीन का नाम Covishield रखा है।

covishield

एक रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में कंपनी एक महीने में 6 करोड़ वैक्सीन की खुराक का उत्पादन करेगी और फिर इसमें बढ़ोतरी की जाएगी। अप्रैल 2021 तक हर महीने 10 करोड़ वैक्सीन की खुराक के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। सीरम इंस्टीट्यूट भारत के साथ-साथ 92 अन्य देशों के लिए भी कोरोना वैक्सीन तैयार करेगा।

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वहीं, भारत सरकार ने संकेत दिया है कि वह सीरम इंस्टीट्यूट से सीधे वैक्सीन खरीदकर लोगों को मुफ्त में उपलब्ध कराएगी। सरकार अगले साल जून तक सीरम से 68 करोड़ वैक्सीन की खुराक खरीदेगी। हालांकि, Covishield वैक्सीन का अभी फेज-3 ट्रायल पूरा नहीं हुआ है। फेज-3 ट्रायल के रिजल्ट आने के बाद ही वैक्सीन को पूरी तरह सुरक्षित समझा जाता है। ब्रिटेन में इस वैक्सीन का फेज-3 ट्रायल चल रहा है, दूसरी ओर, भारत में भी वैक्सीन के ट्रायल शुरू हो चुके हैं। भारत में अगले 73 दिन में वैक्सीन के ट्रायल के नतीजे हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

coronavirus

बता दें कि देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 69,239 नए मरीज सामने आए और 912 लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अबतक 30 लाख 44 हजार 940 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 56,706 लोगों की मौत हो चुकी है। एक्टिव केस की संख्या 7 लाख 7 हजार हो गई और 22 लाख 80 हजार लोग ठीक हो चुके हैं। संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या की तुलना में स्वस्थ हुए लोगों की संख्या करीब तीन गुना अधिक है।

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