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Who Will MCD Election: इस बार कम हुई वोटिंग, पॉश इलाकों में भी कम पड़े वोट, MCD चुनाव में बीजेपी जीतेगी या AAP, जानिए यहां

आप ने दिल्ली में गंदगी और कूड़े के पहाड़ के मुद्दे पर चुनाव लड़ा है। जबकि, बीजेपी ने दिल्ली में हुए कथित शराब घोटाले को मुद्दा बनाया है और राजधानी में सड़क, बिजली और पानी के मुद्दे पर आप को घेरा था। अब 7 दिसंबर को काउंटिंग से पता चलेगा कि किसके पक्ष में वोटरों ने अपने अधिकार का प्रयोग किया है।

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नई दिल्ली। देश की राजधानी में एमसीडी के चुनाव कल यानी रविवार को हुए। इस बार एमसीडी चुनाव में 50.47 फीसदी वोटिंग हुई है। इसके बाद ये कयास लग रहे हैं कि इस बार एमसीडी में किसे कितनी सीटें मिलेंगी। बीजेपी ने 150 से ज्यादा सीटें हासिल करने का दावा किया है। वहीं, दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने भी अपनी जीत की बात कही है। पिछली बार के मुकाबले इस बार दिल्ली में करीब 3 फीसदी कम वोटिंग हुई है। पिछली बार एमसीडी में बीजेपी ने परचम लहराया था। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को उसने एमसीडी चुनाव में मात दी थी।

पहले बात पिछले तीन बार के वोटिंग प्रतिशत की कर लेते हैं। 2017 में एमसीडी चुनाव में 53.55 फीसदी वोट पड़े थे। इससे पहले 2012 में 53.39 और 2007 में 43.24 फीसदी वोट लोगों ने डाले थे। एमसीडी पर बीजेपी पिछले 15 साल से काबिज है। आम आदमी पार्टी भले ही विधानसभा चुनाव में एकतरफा तरीके से सीटें बटोरती रही हो, लेकिन एमसीडी के चुनाव में उसे बीजेपी के मुकाबले हमेशा घोर पराजय का सामना करना पड़ा है। ऐसे में बीजेपी को उम्मीद है कि इस बार भी एमसीडी पर उसका कब्जा होगा। वहीं, आप के मुताबिक कम वोटिंग बता रही है कि बीजेपी इस बार चुनाव हार रही है।

modi and kejriwal

दिल्ली में इस बार एमसीडी के चुनावों की खास बात ये भी रही है कि कई पॉश इलाकों में कम वोट पड़े हैं। ये इलाके बीजेपी के गढ़ माने जाते हैं। इन इलाकों में विधानसभा चुनाव के दौरान आप के पक्ष में वोटर दिखे थे। ऐसे में बीजेपी को इस बार यहां नुकसान होने के आसार दिख रहे हैं। आप ने दिल्ली में गंदगी और कूड़े के पहाड़ के मुद्दे पर चुनाव लड़ा है। जबकि, बीजेपी ने दिल्ली में हुए कथित शराब घोटाले को मुद्दा बनाया है और राजधानी में सड़क, बिजली और पानी के मुद्दे पर आप को घेरा था। अब 7 दिसंबर को काउंटिंग से पता चलेगा कि किसके पक्ष में वोटरों ने अपने अधिकार का प्रयोग किया है।

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