उद्धव ठाकरे बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में अड़ंगा डालने की कर रहे हैं कोशिश, ​टर्मिनल की जमीन पर मेट्रो कारशेड बनाने की तैयारी….

Bullet Train: इस मामले में शिवसेना(Shivsena) और भाजपा(BJP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू हो गया है। बता दें कि शिवसेना की तरफ से संजय राउत ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि, मेट्रो कारशेड बनने की चिंता विपक्ष ना करे।

Avatar Written by: December 21, 2020 1:49 pm

नई दिल्ली। भारत में अधिक दूरी की यात्रा कम समय में पूरा करने को लेकर बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक माना जाता है। ऐसे में पीएम मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे की नजर टेढ़ी हो गई है। बता दें कि मुंबई में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम बांद्रा-कुर्ला कांपलेक्स यानी बीकेसी की जिस जमीन पर होना है, जहां जमीन के नीचे बुलेट ट्रेन टर्मिनल बनना है, उस जमीन पर अब उद्धव ठाकरे सरकार की नजर है। दरअसल हाईकोर्ट के स्टे के बाद कांजुर मार्ग में मेट्रो कारशेड प्रोजेक्ट पर उद्धव ठाकरे अब बीकेसी की जमीन पर इसे शिफ्ट करने का प्लान बना रहे हैं। इससे पहले उद्धव ने मेट्रो कारशेड प्रोजेक्ट को ‘आरे’ से कांजुर मार्ग शिफ्ट किया, जिसपर अब हाईकोर्ट की रोक लग गई है। इसके बाद वो इसे बीकेसी में शिफ्ट करने का प्लान बना रहे हैं। लेकिन ये जगह वही है, जिसपर बुलेट ट्रेन टर्मिनल बनना है।

Uddhav Thakre

अब ठाकरे सरकार की नियत पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बता दें कि उद्धव की मंशा को लेकर सवाल उठ रहा है कि क्या न्यू इंडिया की बुलेट ट्रेन में उद्धव सरकार ब्रेक लगाने की कोशिश कर रही है? बता दें कि बीते शुक्रवार को ही हिंदुस्तान में दौड़ने वाली बुलेट ट्रेन की तस्वीरें सामने आईं थीं। लेकिन अब ये ट्रेनें भारत की ट्रैक पर दौड़ती उससे पहले ही महाराष्ट्र की उद्धव सरकार की नजर इसके एक टर्मिनल की जमीन पर टेढ़ी हो गई है।

बता दें कि उद्धव सरकार बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स में मेट्रो कारशेड का निर्माण करने पर विचार कर रही है। मतलब जिस जगह पर बुलेट टर्मिनल बनना है, उस जगह पर उद्धव सरकार मेट्रो कारशेड प्रोजेक्ट शुरू करने पर विचार कर रही है। उद्धव सरकार ने मेट्रो प्रोजेक्ट को ‘आरे’ से कांजुर मार्ग शिफ्ट किया था। लेकिन हाईकोर्ट ने कांजुर मार्ग में मेट्रो कारशेड प्रोजेक्ट पर फिलहाल रोक लगा दी है।

bullet train

ऐसे में जब हाईकोर्ट का इस पर स्टे लग गया तो अब उद्धव सरकार की बीकेसी की जमीन पर नजर है। गौरतलब है कि उद्धव ने पालघर के लोगों से मीटिंग की, ताकि केंद्र पर दबाव हो सके। जिसके बाद ऐसा बताया गया कि पालघर के लोग बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के खिलाफ हैं। उद्धव सरकार की इस पूरी कवायद को बीजेपी ने बुलेट ट्रेन के खिलाफ बताया है।

इस मामले में शिवसेना और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू हो गया है। बता दें कि शिवसेना की तरफ से संजय राउत ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि, मेट्रो कारशेड बनने की चिंता विपक्ष ना करे। सरकार इसे बीकेसी में बनाने के प्लान पर विचार कर रही है। वहीं इस बयान पर भाजपा की तरफ से भी पलटवार किया गया है। बीजेपी नेता आशीष शेलार ने इसपर कहा कि बीकेसी में मेट्रो कारशेड बन ही नहीं सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव सरकार बुलेट और मेट्रो दोनों प्रोजेक्ट के खिलाफ है।

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