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Lakhimpur Case: लखीमपुर मामले में आशीष मिश्रा सहित इन 14 लोगों पर तय हुआ आरोप, जानिए पूरा मामला

Lakhimpur Violence Case: अपने बचाव में दलील देते हुए कहा था कि उन्हें फंसाया जा रहा है। कहा था कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त गाड़ी में वो सवार ही नहीं थे। बहरहाल, पुलिस जांच में आशीष दोषी पाए गए जिसके बाद अब कोर्ट ने भी आरोप तय कर दिए हैं।

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नई दिल्ली। लखीमपुर हिंसा मामले में आरोपी आशीष मिश्रा सहित 14 अन्य लोगों पर आरोप तय कर दिए गए हैं। लखीमपुर कोर्ट ने मामले में संलिप्त सभी लोगों पर आरोप तय कर दिए गए हैं। आशीष केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी का बेटा है। बता दें, कोर्ट ने आशीष मिश्रा सहित अंकित दास, नंदन सिंह बिष्ट, लतीफ काले, सत्यम उर्फ सत्य प्रकाश त्रिपाठी, शेखर भारती, सुमित जायसवाल, आशीष पांडे, लवकुश राणा, शिशुपाल, उल्लास कुमार उर्फ मोहित त्रिवेदी, रिंकू राणा, वीरेंद्र शुक्ला और धर्मेंद्र बंजारा पर आरोप तय किए हैं।

कोर्ट ने आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 201 के तहत आरोप तय किया है। बाकी अभियुक्तों पर भारतीय दंड विधान की धारा 147, 148, 149, 302, 307, 326, 427 और 120 (ख) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177 के तहत आरोप तय किए गए हैं। बहरहाल, अब इस पूरे मामले में बचाव पक्ष की ओर से क्या कुछ कदम उठाए जाते हैं। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

आपको बता दें, 2021, अक्टूबर में किसान आंदोलन के दौरान लखीमपुर के तिकुनिया में प्रदर्शनकारी किसानों पर गाड़ी चढ़ाने का मामला सामने आया था। जिसमें 8 किसानों की मौत हो गई थी। मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा का नाम प्रकाश में आया था, जिसके बाद आशीष मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, आशीष ने खुद को मामले में निर्दोष बताया था।

अपने बचाव में दलील देते हुए कहा था कि उन्हें फंसाया जा रहा है। कहा था कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त गाड़ी में वो सवार ही नहीं थे। बहरहाल, पुलिस जांच में आशीष दोषी पाया गया। जिसके बाद अब कोर्ट ने भी आरोप तय कर दिए हैं। अब ऐसी स्थिति में कोर्ट आगे क्या फैसला सुनाती है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। बता दें कि उपरोक्त मामले को लेकर विपक्षी दल भी बीजेपी पर हमलावर हो गई थी। विपक्षी दलों ने बीजेपी पर मामले पर नरमी बरतने का आरोप लगाया था, लेकिन अब कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने के साथ ही यह भी तय हो चुका है कि आरोपी कोई भी क्यों ना हो, उसके खिलाफ नरमी नहीं बरती जाएगी।

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