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छत्तीसगढ़ में पहला क्वारंटीन सेंटर जहां सिर्फ गर्भवती महिलाओं को रखा गया

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नई दिल्ली। छत्तीगढ़ के बिलासपुर में गर्भवती महिलाओं के लिये विशेष पृथक केन्द्र बनाया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। जनसपंर्क विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि केन्द्र यहां से लगभग 120 किलोमीटर दूर केसला गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में बनाया गया है। फिलहाल उसमें आठ गर्भवती महिलाएं ठहरी हुई हैं। वे सभी प्रवासी कामगार हैं, जो दूसरे राज्यों से यहां आई हैं।

BHUPESH BAGHEL

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव की तरफ से की गई इस पहल की जमकर प्रशंसा हो रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री  टीएस सिंह देव के द्वारा इन केंद्रों पर खासी नजर रखी जा रही है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव के सकारात्मक सोच का ही नतीजा है कि इस कोरोना काल में भी छत्तीसगढ़ की जनस्वास्थ्य सुविधाएं आम आदमी तक आसानी से मुहैया हो पा रही हैं। गर्भवित महिलाओं को लेकर इस तरह का कदम उठाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।

TS Singh Deo Health Minister Chattisgarh

ग्राम केसला का क्वारंटीन सेंटर प्रदेश का पहला सेंटर है, जहां केवल ऐसी प्रवासी मजदूर महिलाएं रखी गई हैं जो गर्भवती हैं। महिलाओं का स्वास्थ्य जांच और कोरोना जांच के लिए सैम्पल लिया गया है। उन्हें दो समय पौष्टिक भोजन, चाय, नाश्ता दिया जा रहा है। यहां आने वाले सभी महिलाओं की कांटेक्ट हिस्ट्री तथा ट्रेवल हिस्ट्री तैयार की जा रही है, ताकि भविष्य में कोई महिला कोरोना पॉजिटिव होती है तो उन्हें उचित इलाज मिल सके एवं उनके संपर्क में आए हुए व्यक्ति को ढूंढा जा सके।

गर्भवती महिलाओं को मास्क की उपयोगिता व गर्भ में पल रहे शिशुओं की समुचित देखभाल के लिए सलाह दी जाती है। महिलाओं का टीकाकरण भी किया गया है। जिससे उनके व गर्भस्थ शिशु को बीमारियों से मुक्त रखा जा सके।

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अधिकारियों ने कहा, “मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार गर्भवती महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को पृथक केन्द्रों में विशेष सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए पहला पृथक केंद्र बिलासपुर जिले के केसला गांव में बनाया गया है।”

corona test kit

अधिकारी ने कहा कि केन्द्र में पौष्टिक आहार, स्क्रीनिंग सुविधाओं और सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। दिन में तीन बार केन्द्र की सफाई की जाती है। 24 घंटे चिकित्सा कर्मी तैनात रहते हैं।”

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