UP : सीएम योगी ने लखनऊ विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह का किया उद्घाटन, 100 वर्षों की यात्रा के लिए दी बधाई

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) गुरुवार को लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) के शताब्दी समारोह में शामिल हुए। जहां उन्होंने इस समारोह का शुभारंभ किया।

Avatar Written by: November 19, 2020 1:34 pm
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) गुरुवार को लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) के शताब्दी समारोह में शामिल हुए। जहां उन्होंने इस समारोह का शुभारंभ किया। इस मौके पर उनके साथ प्रदेश के उप- मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा मौजूद रहे। उनके अलावा बड़ी संख्या में छात्र और स्थानीय लोग भी शामिल हुए।

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लखनऊ विश्वविद्यालय को सीएम योगी ने दी बधाई

इस दौरान सीएम योगी ने लखनऊ विश्वविद्यालय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं, लखनऊ विश्वविद्यालय को 100 वर्षों की शानदार यात्रा के लिए हृदय से बधाई देता हूं। लखनऊ विवि वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए आज विभिन्न कार्यक्रमों का शुभारंभ कर रहा है, इस साहसिक कदम के लिए विवि परिवार का हृदय से अभिनंदन करता हूं।

उन्होंने कहा, ”अपने 100 वर्षों की यात्रा को याद करते हुए लखनऊ विवि बड़े गौरव के साथ कह सकता है कि हमने इस देश को राष्ट्रपति से लेकर न्याय की उत्कृष्टता को बनाए रखने के लिए न्यायमूर्ति, प्रशासनिक अधिकारी और भारत के लोकतंत्र की मजबूती के लिए अनेक नेता भी दिए हैं।”

साथ ही उन्होंने कहा, ”एक ओर वैश्विक महामारी कोविड-19 की चुनौती है और दूसरी ओर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के रूप में देशवासियों के सामने एक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति है। इन दोनों में से हम लोग बहुत कुछ सीख सकते हैं।”

इसके अलावा उन्होंने कहा, ”लखनऊ विवि ने शोध की उत्कृष्टता के लिए हमें आचार्य व वैज्ञानिक दिए हैं। व्यापार व निवेश के क्षेत्र में कार्य करने वाले अनेक उद्योगपति भी दिए हैं। स्वाभाविक रूप से एक लंबी श्रृंखला है। इस श्रृंखला को संजोने का अवसर भी यह शताब्दी वर्ष प्रदान कर रहा है।”

2022 तक लागू होगी नई शिक्षा नीति

सीएम योगी ने कहा कि 2022 तक नई शिक्षा नीति लागू होगी। साथ ही उन्होंने ये भी कहा, ”मैं विश्वास व्यक्त करता हूं कि लखनऊ विश्वविद्यालय इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति के साथ जुड़कर जब कार्यक्रम को आगे बढ़ाएगा तो स्वाभाविक रूप से हम नए प्रतिमान स्थापित करने में सफल होंगे”