विजय दिवस के अवसर पर राहुल ने पीएम मोदी पर कसा तंज, लोगों ने दिया मुंहतोड़ जवाब

Vijay Diwas 2020:गौरतलब है कि 16 दिसंबर को भारत में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन पाकिस्तान के खिलाफ 1971 में भारत को जीत मिली थी और एक देश के रूप में बांग्लादेश अस्तित्व में आया था।

Avatar Written by: December 16, 2020 12:50 pm
PM Narendra Modi and Rahul Gandhi

नई दिल्ली। साल 1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध (India-Pakistan War) के आज 50 साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), गृहमंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah), रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) समेत तमाम नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सेना के शौर्य को नमन किया। गौरतलब है कि 16 दिसंबर को भारत में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन पाकिस्तान के खिलाफ 1971 में भारत को जीत मिली थी और एक देश के रूप में बांग्लादेश अस्तित्व में आया था।

vijay diwas

विजय दिवस पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल (Rahul Gandhi) ने भी देश को बधाई दी। लेकिन इस अवसर पर राहुल गांधी राजनीति करने से बाज नहीं आए। इतना ही नहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर तंज कसा है।

Rahul Gandhi

बुधवार को राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा कि, सन् ‘71 में भारत की पाकिस्तान पर ऐतिहासिक जीत के उत्सव पर देशवासियों को शुभकामनाएँ और सेना के शौर्य को नमन। ये उस समय की बात है जब भारत के पड़ोसी देश भारत के प्रधानमंत्री का लोहा मानते थे और हमारे देश की सीमा का उल्लंघन करने से डरते थे!

विजय दिवस के मौके पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को राजनीति करना महंगा पड़ गया। लोगों ने उनके इस ट्वीट को रिट्वीट करते हुए जमकर क्लास लगा डाली। एक यूजर ने राहुल पर तंज कसते हुए लिखा,  कब तक अपने नाना और दादी की बातें करते रहोगे कभी अपना लोहा भी तो मनवाओ पप्पू वैसे सारे देशवासी जानते हैं देश का बेड़ा गर्क करने में तुम्हारे नाना ने कोई कसर नहीं छोड़ी।

 

 

आपको बता दें कि साल 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तानियों को धूल चटाई और बांग्लादेश नाम से एक नया देश विश्व के मानचित्र पर आया। तीन दिसंबर, 1971 को पाकिस्तान ने लड़ाई की शुरुआत तो कर दी, लेकिन भारतीय सैनिकों के पराक्रम के आगे महज 13 दिनों में ही घुटने टेकने पड़े।

Support Newsroompost
Support Newsroompost