अस्पताल रिजर्व करने के मामले पर केजरीवाल को झटका, नोटिस जारी

बता दें कि सीएम अरविंद केजरीवाल ने जनता के सुझाव, विशेषज्ञों की राय और कैबिनेट में चर्चा के बाद फैसला लिया है कि दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले अस्पतालों में केवल दिल्ली के लोगों का इलाज होगा। बाहर के लोगों का इलाज दिल्ली के अस्पतालों में नहीं होगा।

Avatar Written by: June 8, 2020 4:42 pm

नई दिल्ली। दिल्ली की हाईकोर्ट ने सोमवार को केजरीवाल सरकार को दिल्ली वालों के लिए अस्पताल रिजर्व करने के मामले में एक नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई की है जिसमें मांग की गई है कि दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करे कि दिल्ली के किसी भी सरकारी और निजी अस्पताल में किसी भी कोरोना संक्रमित मरीज का इलाज करने से इनकार नहीं किया जाएगा।

दिल्ली की केजरीवाल सरकार को यह निर्देश देते हुए कहा है कि अगर मरीज में लक्षण दिखें या अगर लक्षण नहीं दिख रहे हैं तब भी वह मरीज को अस्‍पताल में जांच के लिए मना नहीं कर सकते हैं।

Arvind Kejriwal

इस बीच ऐक्टिविस्ट और वकील गौरव कुमार बंसल ने केजरीवाल सरकार के इस आदेश को बेहद कठोर बताते हुए उसे फौरन वापस लेने के लिए एक कानूनी नोटिस भेजा है।

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इसमें कहा गया है कि दिल्ली के मरीजों और दिल्ली के बाहर के मरीजों का बंटवारा गैरकानूनी है और यह नागरिकों के जीने का अधिकार जैसे मौलिक अधिकारों का तो हनन करता ही है, संविधान से मिली हुई व्यक्तिगत स्वतंत्रता भी छीनता है। इस आधार पर उन्होंने केजरीवाल सरकार से यह आदेश तुरंत वापस लेने की मांग की है।

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बता दें कि सीएम अरविंद केजरीवाल ने जनता के सुझाव, विशेषज्ञों की राय और कैबिनेट में चर्चा के बाद फैसला लिया है कि दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले अस्पतालों में केवल दिल्ली के लोगों का इलाज होगा। बाहर के लोगों का इलाज दिल्ली के अस्पतालों में नहीं होगा। इसके साथ ही दिल्ली में जितने प्रवाइवेट अस्पताल हैं उनमें भी केवल दिल्ली के लोगों का इलाज होगा।हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि केंद्र सरकार के अस्पताल सभी लोगों के लिए खुले रहेंगे। यहां देश के किसी भी कोने से आए लोग अपना इलाज करवा सकते हैं।