सरकार और टेलीकॉम कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट की खरी-खरी, पूछा क्या SC बंद कर दें

एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (समायोजित सकल राजस्व) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों और दूरसंचार विभाग के रवैए पर नाराजगी जताई है।

Written by: February 14, 2020 12:26 pm

नई दिल्ली। एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (समायोजित सकल राजस्व) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों और दूरसंचार विभाग के रवैए पर नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद ज्यादातर कंपनियों ने बकाया रकम जमा नहीं करवाई। कोर्ट ने कंपनियों से पूछा है कि क्यों ना आपके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए।Supreme-Court

सुनवाई के दौरान जस्टिस अरुण मिश्रा ने याचिकाओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ये याचिकाएं दाखिल नहीं करनी चाहिए थीं। ये सब बकवास है। क्या सरकारी डेस्क अफसर सुप्रीम कोर्ट से बढ़कर है जिसने हमारे आदेश पर रोक लगा दी। अभी तक एक पाई भी जमा नहीं की गई है। हम सरकार के डेस्क अफसर और टेलीकॉम कंपनियों पर अवमानना की कार्रवाई करेंगे। क्या हम सुप्रीम कोर्ट को बंद कर दें? क्या देश में कोई कानून बचा है? क्या ये मनी पॉवर नहीं है?Telecom

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे आदेश के बावजूद ये रकम जमा नहीं हुई। हम अचंभित हैं कि एक पैसा भी जमा नहीं कराया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि क्या इस देश में कोई कानून नहीं बचा? इस देश में रहने से बेहतर है देश छोड़ देना चाहिए।

टेलीकॉम कंपनियों पर एजीआर के 1.4 लाख करोड़ रुपए बकाया हैं। सिर्फ रिलायंस जियो ने बकाया राशि का भुगतान किया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दूरसंचार विभाग के रवैए पर कड़ी टिप्पणी की है। दूरसंचार विभाग के राजस्व मामलों से जुड़े एक अधिकारी ने पिछले दिनों आदेश जारी कर कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के अगले आदेश तक टेलीकॉम कंपनियों पर कोई कार्रवाई न की जाए, भले ही वे एजीआर मामले में बकाया भुगतान नहीं करें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोई डेस्क अधिकारी ऐसा आदेश कैसे जारी कर सकता है। जबकि, हम पहले ही टेलीकॉम कंपनियों को भुगतान का आदेश दे चुके हैं। हमें नहीं पता कि कौन माहौल बिगाड़ रहा है।

जानिए किन कंपनियों पर सबसे ज्यादा बकाया है

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कंपनी                                               बकाया (रुपए)
वोडाफोन-आइडिया                                 53,038 करोड़
भारती एयरटेल                                       35,586 करोड़
टाटा टेली सर्विसेज                                  13,823 करोड़

कोर्ट ने सभी कंपनियों के एमडी को कोर्ट में पेश होकर ये बताने को कहा कि अब तक रुपये क्यों नहीं जमा कराए गए? सुप्रीम कोर्ट ने 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने भारती एयरटेल, वोडाफोन- आइडिया, रिलायंस कंम्युनिकेशन, टाटा टेलीसर्विसेज और अन्य कंपनियों के एमडी और डेस्क अफसर को तलब किया।