पूरी जगनाथ यात्रा को मिली अदालत से हरी झंडी, अब गुजरात सरकार खटखटाएगी कोर्ट का दरवाजा, होगी रथयात्रा

सोमवार को पुरी में होने वाली प्राचीन भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को आयोजित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने शर्त के साथ इजाजत दी है। SC के इस फैसले के बाद गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि गुजरात सरकार ने अहमदाबाद में भगवान जगन्‍नाथ की यात्रा को अनुमति देने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में एक याचिका दायर करने का फैसला किया है।

Written by: June 23, 2020 9:11 am

अहमदाबाद। सोमवार को पुरी में होने वाली प्राचीन भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को आयोजित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने शर्त के साथ इजाजत दी है। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के प्रकोप को देखते हुए इस रथयात्रा पर रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी देते हुए कहा क‍ि कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए इसे सार्वजनिक भागीदारी के बिना आयोजित किया जा सकता है।

Puri Jagannath Rath Yatra

SC के इस फैसले के बाद गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि गुजरात सरकार ने अहमदाबाद में भगवान जगन्‍नाथ की यात्रा को अनुमति देने के लिए गुजरात हाईकोर्ट में एक याचिका दायर करने का फैसला किया है। इसके अलावा पुरी में रथयात्रा को SC की मंजूरी मिलने के साथ ही ओडिशा सरकार ने प्रशासनिक अमले को 23 जून को निर्धारित यात्रा के लिये युद्ध स्तर पर तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है।

वहीं जरूरी इंतजामों के लिये राज्य के मुख्य सचिव एके त्रिपाठी और पुलिस महानिदेशक अभय पुरी पहुंचे। उन्होंने कहा, ”डीजीपी और मैं मुख्यमंत्री के निर्देश पर तैयारियों का जायजा लेने के लिये पुरी पहुंचे हैं। हम यहीं पर रुकेंगे। मुझे भरोसा है कि कल श्रद्धालुओं के बिना ही सुगमता के साथ रथयात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान कोविड-19 दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।”

सीएम विजय रुपाणी ने किये भगवान जगन्नाथ के दर्शन

वहीं मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने अपनी पत्नी के साथ अहमदाबाद में जगन्नाथजी मंदिर का दौरा किया और रथयात्रा की पूर्व संध्या पर प्रार्थना की। इस अवसर पर गृह राज्य मंत्री श्री प्रदीपसिंह जडेजा, अहमदाबाद की मेयर श्रीमती बिजल्बेन पटेल, कलेक्टर श्री के.के.निरला, मंदिर के महंत दिलीपदासजी महाराज और ट्रस्टी श्री महेन्द्रभाई झा उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने ट्वीट कर लिखा, ” भगवान जगन्नाथ के दर्शन के बाद खुद को धन्य महसूस किया। गुजरात के कल्याण के लिए प्रार्थना की।”