राहुल के ‘चीन को 15 मिनट में भगा देते’ वाले बयान पर अमित शाह का आया रिएक्शन, ऐसे कर दी बोलती बंद

HM Amit Shah responds to Rahul Gandhi’s ‘15 minutes’ claim : पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर चीन से जारी तनाव के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) के ’15 मिनट’ वाले बयान पर गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) का रिएक्शन आया है।

Avatar Written by: October 20, 2020 10:00 am
amit shah and rahul gandhi

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर चीन से जारी तनाव के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) के ’15 मिनट’ वाले बयान पर गृहमंत्री अमित शाह (Union home minister Amit Shah) का रिएक्शन आया है। बता दें कि हरियाणा के कुरुक्षेत्र में किसानों की एक रैली में राहुल गांधी ने कहा था कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जहां किसी दूसरे देश की सेना ने घुसकर यहां की जमीन पर कब्ज़ा कर रखा है। वो सत्ता में होते तो सिर्फ 15 मिनट में चीन की सेना को भगा देते। सिर्फ भगा नहीं देते, बल्कि उसे उठाकर 100 किलोमीटर पीछे फेंक देते। जिसपर अब गृहमंत्री अमित शाह ने पलटवार करते हुए करारा जवाब दिया है।

Amit Shah

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी को 1962 में अपनी सलाह सुननी चाहिए थी, जब भारत ने चीन के साथ युद्ध के दौरान कई हेक्टेयर भूमि खो दी थी। उन्होंने कहा कि 1962 में कांग्रेस ने 15 मिनट में चीन को बाहर क्यों नहीं फेंका।

एक निजी चैनल से बात करते हुए अमित शाह ने कहा, ’15 मिनट के अंदर चीनियों को बाहर निकालने के फॉर्मूले को वर्ष 1962 में ही लागू किया जा सकता था। यदि ऐसा किया गया होता तो हमें कई हेक्टेयर भारतीय भूमि को गंवाना न पड़ता। तत्कालीन प्रधानमंत्री ने आकाशवाणी पर ‘बाय बाय असम’ तक कह दिया था। अब कांग्रेस हमें इस मुद्दे पर कैसे शिक्षा दे सकती है? जब आपके परनाना सत्ता में थे, तब हम चीनी सरकार के हाथों अपने क्षेत्र खो रहे थे।’

India China army

15 जून को गलवान घाटी में हुए खूनी संघर्ष पर अमित शाह ने कहा कि मुझे 16 बिहार रेजीमेंट पर काफी गर्व है। हमारे समय में हमने कम से कम डटकर मुकाबला किया है। मैं गर्व करता हूं बिहार रेजीमेंट के उन जवानों पर, जिन्होंने हड्डियां गलाने वाली ठंड में भी रात को मुस्तैद रहकर हमारे देश की सीमा की सुरक्षा की है और कठोर जवाब दिया है। हालांकि, अमित शाह ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच जारी तनाव को बातचीत के जरिए हल कर लिया जाएगा।