दिल्ली में कांग्रेस का ये कैसा हो गया हाल, जमानत नहीं बचा पाए पार्टी के उम्मीदवार

दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस को एक बार फिर से करारा झटका लगा। पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी।

Avatar Written by: February 11, 2020 5:49 pm

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस को एक बार फिर से करारा झटका लगा। पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी। इसके अलावा 70 विधानसभा सीटों में कांग्रेस के 67 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। मालूम हो कि कांग्रेस दिल्ली में लगातार 15 साल सरकार चला चुकी है।
दिल्ली में कांग्रेस और राजद के गठबंधन ने 67 सीटों पर अपनी जमानत गंवा दी है। ये गठबंधन सिर्फ तीन सीटों पर ही अपनी जमानत बचवा पाया है, जिसमें गांधीनगर, बादली और कस्तूरबा नगर शामिल हैं। 2015 की तरह इस बार भी कांग्रेस का आंकड़ा 0 ही है। इस पर कांग्रेस ने कहा है चुनाव में हार से पार्टी निराश नहीं बल्कि इससे सीख लेगी तथा ज्यादा मेहनत कर दो साल बाद होने वाले नगर निगम चुनाव में वापसी करेगी और दिल्ली में फिर मजबूती के साथ खड़े होंगे।

वहीं, चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा भी अपनी जमानत को नहीं बचा सकीं। अलका आम आदमी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुई हैं। इतना ही नहीं कांग्रेस पार्टी 2020 के चुनाव में 6 फीसदी वोट भी हासिल करती हुई नजर नहीं आई।Subhash Chopra Congress

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को दिल्ली में 22 फीसदी वोट मिले थे और वह बीजेपी के बाद राज्य में दूसरे नंबर की पार्टी बन गई थी। लेकिन 15 साल तक दिल्ली की सत्ता में राज करने वाली पार्टी 2015 की तुलना में 5 फीसदी वोट कम पाती हुई दिखाई दे रही है। कांग्रेस को 2015 में 9.5 फीसदी वोट मिले थे, जबकि 2013 में कांग्रेस करीब 25 फीसदी वोट पाकर तीसरे नंबर पर रही थी।congress Logo

बता दें कि करारी शिकस्त का सामना करने वाली कांग्रेस ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बधाई दी। कांग्रेस ने कहा कि वह जनादेश स्वीकार करती है और राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी के नवनिर्माण का संकल्प लेती है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने हार की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार की और भाजपा एवं आम आदमी पार्टी पर ध्रुवीकरण का आरोप लगाया।congress

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ‘जनता ने अपना जनादेश दे दिया। जनादेश कांग्रेस के विरूद्ध भी दिया है। हम कांग्रेस और डीपीसीसी की तरफ से इस जनादेश को विनम्रता से स्वीकार करते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हम निराश नहीं हैं। कांग्रेस को जमीनी स्तर पर और नए सिरे से मजबूत करने का संकल्प दृढ़ हुआ है। कांग्रेस के कार्यकर्ता और साथी का हम धन्यवाद करते हैं। हम नवनिर्माण का संकल्प लेते हैं।’

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