
नई दिल्ली। अवैध इमिग्रेशन यानी आव्रजन पर मोदी सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। इसी के तहत लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आव्रजन और विदेशी संबंधी बिल 2025 पेश करने वाले हैं। इस बिल के पास होने से भारत के आव्रजन कानून आधुनिक और मजबूत बनेंगे। मोदी सरकार की तरफ से आव्रजन संबंधी जो बिल संसद से पास कराया जाना है, उसमें भारत में प्रवेश और यहां से विदेश जाने वालों से पासपोर्ट के अलावा अन्य यात्रा दस्तावेज भी मांगे जा सकेंगे। साथ ही विदेश से आने वालों के वीजा के पंजीकरण और संबंधित मामले शामिल हैं। बिल के पास होने के बाद भारत आना और यहां से विदेश जाना आसान नहीं रह जाएगा। इससे अवैध अप्रवास पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
एक तरफ भारत में घुसपैठ की समस्या है। वहीं, अमेरिका अपने यहां से भारतीयों समेत अवैध प्रवासियों को निकाल रहा है। ऐसे में मोदी सरकार की तरफ से आव्रजन और विदेशी व्यक्तियों संबंधी बिल काफी कारगर होने की उम्मीद है। अब तक पासपोर्ट और वीजा देखकर ही आव्रजन अफसर एयरपोर्ट, बंदरगाह या रेलवे स्टेशनों से भारतीयों को विदेश जाने और विदेशी लोगों को भारत आने की मंजूरी देते रहे हैं। माना जा रहा है कि आव्रजन संबंधी नया कानून बनने के बाद भारत से विदेश जाने और विदेश से भारत आने वालों के लिए पासपोर्ट और वीजा के अलावा ठहरने के स्थान संबंधी जानकारी भी और कड़ाई से पूछी जाएगी।
बता दें कि अमेरिका समेत ज्यादातर देशों में आव्रजन के बारे में कठोर नियम हैं। कई बार तो वैध वीजा होने के बावजूद अमेरिका या दूसरे देशों में पहुंचने वालों को प्रवेश नहीं दिया जाता। वीजा होने के बाद भी आव्रजन अफसर ऐसे लोगों से जानकारी लेते हैं कि वे कहां रहेंगे और किनसे मिलने का उनका प्रोग्राम है। विदेश जाने पर वहां होटल वगैरा की बुकिंग भी पहले से करनी होती है। इस बुकिंग के दस्तावेज संबंधित देश के आव्रजन अफसरों को दिखाने होते हैं। अमेरिका के आव्रजन अफसरों ने तुर्कमेनिस्तान में पाकिस्तान के राजदूत तक को प्रवेश नहीं करने दिया। उनको अमेरिका से डिपोर्ट कर दिया गया था।