Amit Shah

अमित शाह की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई जब कुछ ही घंटे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सरकार पर देशव्ययापी लॉकडाउन को बिना योजना बनाए लागू करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे लाखों लोगों को परेशानी हुई है।

कोरोनावायरस और लॉक डाउन के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने मोदी सरकार पर तंज कसा है। सिब्बल ने अपने ट्विटर अकाउंट पर भारत की दो तस्वीरों को पेश करते हुए मौजूदा हालात को बयां किया है।

दिल्ली-एनसीआर में फंसे देश भर के मजदूरों को यहां से निकालने पर अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्री अलग-अलग बयान जारी कर रहे हैं। बिहार के सीएम नीतीश कुमार कहा है कि जो मजदूर जहां है अभी वहीं रहें

गौरतलब है कि कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र से 'जनता कर्फ्यू' के लिए अपील की है। उन्होंने कहा है कि सभी लोग रविवार सुबह सात बजे से लेकर रात 9 बजे तक घरों में ही रहें।

राज्यपाल की तरफ से एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि दी गयी तारीख 17 मार्च को अगर कमलनाथ सरकार बहुमत साबित नहीं करेगी तो उसे अल्पतम में माना जाएगा। राज्यपाल ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि उनके कहने के बावजूद आज फ्लोर टेस्ट क्यों नहीं कराया गया

कमलनाथ ने अमित शाह लिखे पत्र में यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि कांग्रेस के 22 विधायक जो बेंगलुरू में हैं वे वापस मध्य प्रदेश सुरक्षित पहुंच सकें और 16 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में बिना डर के भाग ले सकें।

सुधांशु त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ में एक कविता की चंद पंक्तियां पढ़ी जिसके बाद से लोग जमकर सुधांशु की तारीफ कर रहे हैं।

कपिल सिब्बल से अमित शाह ने सीएए को लेकर सवाल पूछ लिया और सिब्बल ने उसका जो जवाब दिया वह अब कांग्रेस के गले का फांस बनने वाली है।

राज्यसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देने आए गृहमंत्री अमित शाह ने पूरी संयमता के साथ सारे नेताओं के सवालों का जवाब दिया।

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हर आंदोलन में कोई ना कोई प्रतिनिधि होता है। मीडिया से बात करने के लिए प्रतिनिधि थे, लेकिन गृह मंत्री से बात करने के लिए कोई प्रतिनिधि नहीं था।