Jammu-Kashmir में आतंकियों की मदद करने वालों पर आई मुसीबत, पुलिस ने की ये बड़ी कार्रवाई

Jammu Kashmir: दरअसल जम्मू और कश्मीर में होने वाले जिला विकास परिषदों (DDC) के चुनाव ने भी आतंकवादियों और पाकिस्तान(Pakistan) को परेशान किया हुआ है। चुनावों से पहले ही नामांकन और जनता की भागीदारी बड़े पैमाने पर देखी गई।

Avatar Written by: November 21, 2020 2:45 pm
Indian Army

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में पुलिस ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि J&K में त्राल और पंपोर इलाके से इन दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने आतंकियों के लिए खाना-आवास और अन्य मदद देने का काम किया है। जानकारी के मुताबिक ये दोनों आतंकियों के लिए खाने और रहने की व्यवस्था करने के अलावा हथियारों की ट्रांसपोर्टिंग भी करते थे। इसके अलावा आतंकियों तक खुफिया और संवेदनशील जानकारी पहुंचाते थे। गिरफ्तार किए गए दोनों आतंकियों के नाम बिलाल अहमद चोपान और मुर्शलीन बशीर शेख बताया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में बिलाल अहमद चोपान त्राल के वगाद इलाके का रहने वाला है। वहीं मुर्शलीन बशीर शेख पंपोर के चटलाम इलाके का रहने वाला है। इन दोनों के पास से बरामद किए गए कई सामानों से पता चलता है कि इनके संबंध आतंकियों के साथ हैं। पुलिस के मुताबिक दोनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

jammu Kashmir Indian Army pic

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में इन दिनों सरकार बेहद सतर्क नजर आ रही है। ऐसे में पाकिस्तान की तरफ से लगातार आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश की जा रही है। हालांकि घुसपैठ करने वालों को सुरक्षाबलों से भरपूर जवाब मिल रहा है। बता दें कि जम्मू और कश्मीर से 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। साजिशन पाकिस्तान कश्मीर में अशांति फैलाने की कोशिश में लगा हुआ है। तब से पाकिस्तान आतंकवादियों के जरिए नेताओं और नागरिकों जैसे सॉफ्ट टारगेट पर हमला करा रहा है।

Jammu& Kashmir Indian Army

जल्द ही जम्मू और कश्मीर में डीडीसी के चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में सूत्रों से जानकारी मिली है कि इन चुनावों में भी पाकिस्तान की तरफ नापाक कोशिश की जा सकती है। दरअसल जम्मू और कश्मीर में होने वाले जिला विकास परिषदों (डीडीसी) के चुनाव ने भी आतंकवादियों और पाकिस्तान को परेशान किया हुआ है। चुनावों से पहले ही नामांकन और जनता की भागीदारी बड़े पैमाने पर देखी गई।