नड्डा और शाह ने दिल्ली भाजपा की चुनावी तैयारियों का लिया जायजा

बैठक में केजरीवाल सरकार के फ्री पानी योजना की काट के लिए तय किया गया कि दिल्ली की जनता को बताया जाए कि भाजपा सरकार शुद्ध पानी लोगों को मुहैया करायेगी। इसलिए पानी के लिए नारा होगा ‘फ्री पानी नहीं, साफ पानी चाहिए।’

Written by: January 22, 2020 10:12 am

नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष पद छोड़ने के बावजूद गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में चुनाव की बागडोर संभाल रखी है। लिहाजा अमित शाह दिल्ली चुनाव में कोई कोर कसर छोड़ना नहीं चाहते। इस सिलसिले में मंगलवार को देर रात गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने दिल्ली भाजपा के नेताओं के साथ मैराथन मीटिंग की। बैठक दिल्ली भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई। ये पहली बार है कि इस तरह की बैठक प्रदेश कार्यालय में हुई हो।

JP Nadda Amit Shah

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक में बिजली, पानी, सभाओं से लेकर किन-किन मुद्दों के साथ चुनाव में जाना है उसपर चर्चा हुई। बैठक में केजरीवाल सरकार के फ्री पानी योजना की काट के लिए तय किया गया कि दिल्ली की जनता को बताया जाए कि भाजपा सरकार शुद्ध पानी लोगों को मुहैया करायेगी। इसलिए पानी के लिए नारा होगा ‘फ्री पानी नहीं, साफ पानी चाहिए।’

बैठक में यह भी तय किया गया है कि 200 यूनिट तक फ्री बिजली की योजना पर भाजपा की तरफ से बयानबाजी न हो। सिर्फ यह प्रचार करना है कि यह योजना सिर्फ एक साल के लिए केजरीवाल सरकार ने लागू किया है। चुनाव के बाद यह योजना खत्म हो जायेगी। इसलिए जनता को भाजपा पर ही भरोसा करना चाहिये। इसके उलट यह प्रचार करना है कि केंद्र सरकार ने एलईडी बल्ब के दाम को कम किया जिससे बिजली की बिल कम आ रही है।

Amit Shah JP Nadda

जानकारी मिली है कि केंद्रीय नेताओं ने दिल्ली भाजपा नेताओं को कहा है कि अपनी सभाओं में नागरिकता संशोधन कानून और धारा 370 को मुद्दा बनाये और जनता को यह बताये की किस कदर आप की सरकार ने फर्जी वीडियो और अपने विधायको के जरिये राजधानी में हिंसा फैलाने की कोशिश की। इस मुद्दे को घर-घर तक पहुंचाने को कहा गया है।

बैठक में तय किया गया कि चुनाव में भाजपा का नारा होगा ‘देश बदला है, दिल्ली बदलेंगे’। मंगलवार देर रात तक चली बैठक में अमित शाह, जे पी नड्डा के अलावा सगठन महामंत्री वीएल संतोष , प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी, दिल्ली प्रदेश के संगठन मंत्री सिर्धाथन और दिल्ली भाजपा से जुड़े कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।