अब केजरीवाल सरकार ने कोरोना की वजह से नाईट कर्फ्यू वाली बात से हाईकोर्ट में किया इनकार, जानिए क्या कहा…

Delhi Corona: हाईकोर्ट(High Court) को केजरीवाल सरकार(Kejriwal Government) ने बताया कि COVID प्रोटोकॉल्स के उल्लंघन के मामलों में अबतक 2 लाख से अधिक चालान किए जा चुके हैं।इन चालानों में दिल्ली सरकार को 17 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना मिला है।

Avatar Written by: December 3, 2020 4:54 pm
Delhi Highcourt

नई दिल्ली। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में COVID-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए रात का कर्फ्यू लगाने को लेकर हुए एक सवाल में आम आदमी पार्टी की सरकार ने अब दिल्ली हाईकोर्ट में अपना जवाब दिया है। बता दें कि अपने जवाब में दिल्ली सरकार ने कहा है कि फिलहाल दिल्ली या इसके कुछ हिस्सों में रात का कर्फ्यू नहीं लगाया गया है। गौरतलब है कि नाइट कर्फ्यू पर सबमिशन 26 नवंबर के दिन जस्टिस हिमा कोहली और सुब्रमोनियम प्रसाद की बेंच दौरान सवाल पूछा था कि क्या दिल्ली में COVID-19 संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए रात का कर्फ्यू लगाया जाएगा। इसपर अब जवाब दाखिल किया गया। अदालत में दी गई स्टेटस रिपोर्ट में, सीनियर एडवोकेट संदीप सेठी और एडिशनल स्टैंडिंग एडवोकेट सत्यकाम ने दिल्ली सरकार का कोर्ट में पक्ष रखा।

delhi corona

उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर तक सरकार ने प्रतिबंधों पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। इसलिए फिलहाल 31 दिसंबर तक किसी भी नई गतिविधि की अनुमति/अनुमति नहीं है। बता दें अदालत वकील राकेश मल्होत्रा द्वारा की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली में COVID-19 टेस्टिंग संख्या बढ़ाने और जल्द से जल्द से रिजल्ट्स बताने की मांग की गई थी।

kejriwal

वहीं हाईकोर्ट को केजरीवाल सरकार ने बताया कि COVID प्रोटोकॉल्स के उल्लंघन के मामलों में अबतक 2 लाख से अधिक चालान किए जा चुके हैं।इन चालानों में दिल्ली सरकार को 17 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना मिला है। दिल्ली सरकार ने HC को यह भी बताया कि दिल्ली पुलिस ने अब तक 5 लाख से अधिक चालानों पर 27 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला है।

delhi_high_court

बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली में कोरोना के मामलों पर आप सरकार को निर्देश दिए हैं कि, कोविड-19 से निपटने के लिए जांच और संक्रमित लोगों के सम्पर्क में आए लोगों की पहचान पर ध्यान केन्द्रित किए जाए। साथ ही कोविड-19 की जांच के नतीजे मोबाइल फोन पर देने की कोशिश करने की भी सलाह दी।