JNU मामला : तो इस वजह से बौखलाया हुआ है विपक्ष?

ताज्जुब इस बात का है कि यहां लेफ्ट फ्रंट में है और कांग्रेस नेता उदित राज पीछे यहां खड़े दिखे। उदित राज खुद को दलितों का नेता बताते हैं लेकिन एक स्टिंग ऑपरेशन में फंस चुके हैं।

Written by: January 11, 2020 6:05 pm

नई दिल्ली। जेएनयू में हुई हिंसा को लेकर छात्रों का प्रदर्शन अभी जारी है। छात्रों की ये भी मांग है कि वीसी एम. जगदीश कुमार को पद से हटाया जाय। हालांकि स्थिति जस की तस बनी हुई है। इन सबके बीच सवाल उठता है कि आखिर इसके छात्रों का असली मकसद क्या है? इनका मुद्दा फीस वापसी ही है या कुछ और?

jnu student protest fees hike

आपको बता दें कि विरोध प्रदर्शनों के नाम पर कई बार कश्मीर की आजादी और CAA, NRC, पीएम मोदी और अमित शाह के खिलाफ पोस्टर देखने को मिल रहे हैं, जिससे छात्रों के प्रदर्शन की मंशा पर सवाल उठ रहा है। जानकारों की मानें तो संसद में विपक्ष पूरी तरह से फेल साबित हुई है, ऐसे में उसे कोई ना कोई मुद्दा चाहिए जिससे वो मोदी सरकार को घेर सके।

Sitaram yechuri

इसी का नतीजा है कि छात्रों के कंधों पर बंदूक रखकर मोदी और शाह से आजादी की मांग उठाई जा रही है। ऐसे में एक तस्वीर ऐसी सामने आई है जो जेएनयू को सुर्खियों में ला रही है।

इस तस्वीर से ये भी पता चलता है कि आखिर प्रदर्शनों के पीछे असली मंशा क्या है। ऐसे प्रदर्शन में सीपीआई नेता सीताराम येचुरी जेएनयू के छात्रों के बीच पहुंचते। यही पर एक बैनर दिखा जिसपर NRC, FEE Hike, CAA, NPR, ABVP और MODI SHAH से आजादी की बात लिखी गई है।

JNU banner

यह तस्वीर लिए एक व्यक्ति सीपीआई नेता सीताराम येचुरी के पीछे खड़ा है। सामने से येचुरी कह रहे हैं कि हमें अपनी इस आवाज को नॉर्थ ब्लॉक तक पहुंचाना है। पीएम आवास तक पहुंचाना है। इसके अलावा ताज्जुब इस बात का है कि यहां लेफ्ट फ्रंट में है और कांग्रेस नेता उदित राज पीछे यहां खड़े दिखे। उदित राज खुद को दलितों का नेता बताते हैं लेकिन एक स्टिंग ऑपरेशन में फंस चुके हैं।

इन तस्वीरों से साफ है कि अपनी विफलता को पचाने के लिए तमाम विरोधी दल एक मंच पर संजीवनी की तलाश में है। इसलिए वो खुद ना सही, छात्रों के कंधे का इस्तेमाल कर मोदी सरकार के खिलाफ मुद्दों की तलाश में है।