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Border Dispute: ‘24 घंटे में हमले नहीं रूके तो..’ महाराष्ट्र-कर्नाटक के बीच जारी सीमा विवाद पर पवार का बयान

Border Dispute: उन्होंने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि अगर ऐसा हुआ तो आगामी दिनों में दोनों ही राज्यों के बीच स्थिति विकराल हो जाएगी। खबर है कि कर्नाटक रक्षण वैदिक संगठन के प्रतिनिधियों ने ना महज प्रदर्शन में हिस्सा लिया, बल्कि विवाद के नाम पर हिंसा भड़काने का काम भी किया है, जिसे लेकर सख्ती बरतने के संकेत दिए जा चुके हैं।

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नई दिल्ली। यूं तो कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच सीमा विवाद बरसों पुराना है, लेकिन अब यह विवाद, विवाद ना रहकर हिंसा का रूप धारण करता जा रहा है, जिसे लेकर रांकापा प्रमुख शरद पवार ने केंद्र सरकार से भी हस्तक्षेप की मांग की है, लेकिन केंद्र की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बता दें, मंगलवार को महाराष्ट्र-कर्नाटक के बीच जारी सीमा विवाद हिंसक हो गया। कर्नाटक के बेलगावी में चलने वाली बसों पर कालिख पोत दी गई। बसों को चलने से रोका गया। यही नहीं, शरारती तत्वों ने बसों पर पथराव भी किया। सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान भी पहुंचाया गया। बिगड़ते हालातों को ध्यान में रखते हुए मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए उन पर वाटर कैनन फैंकने के निर्देश भी दिए।

इतना ही नहीं, प्रदर्शन में शामिल कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया, ताकि स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकें। इस पूरे विवाद में कई सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है, जिसकी भरपाई प्रदर्शन में शामिल लोगों से ही कराने की मांग की जा रही है। वहीं अब इस पूरे मामले को लेकर महाराष्ट्र-कर्नाटक की राजनीति में उबाल आ चुका है। वहीं, शरद पवार ने भी सख्त लहजे में स्पष्ट कर दिया है कि हमारे धैर्य का इम्तिहान ना लें।

उन्होंने स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि अगर ऐसा हुआ तो आगामी दिनों में दोनों ही राज्यों के बीच स्थिति विकराल हो जाएगी। खबर है कि कर्नाटक रक्षण वैदिक संगठन के प्रतिनिधियों ने ना महज प्रदर्शन में हिस्सा लिया, बल्कि विवाद के नाम पर हिंसा भड़काने का काम भी किया है, जिसे लेकर सख्ती बरतने के संकेत दिए जा चुके हैं। उधर, शासन की तरफ से स्पष्ट संकेत दिए जा चुके हैं कि प्रदर्शन में संलिप्त किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। आइए, आगे जानते हैं कि आखिर पूरा माजरा क्या है। आखिर इस पूरे विवाद को किस मसले ने जन्म दिया है।

दरअसल, बेलगावी जो कि वर्तमान में कर्नाटक में है, उसे महाराष्ट्र अपना बताता है, जिसे लेकर दोनों राज्यों के बीच विवाद की स्थिति पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। बहुधा विवाद की बयार खामोश ही रहती है, लेकिन अब पिछले कुछ दिनों से उक्त मसले को लेकर विवाद की बयार इस कदर तेज हो चुकी है कि अब यह हिंसा की शक्ल अख्तियार कर चुकी है। विवाद की गंभीरता का अंदाजा आप महज इसी से लगा सकते हैं कि दोनों ही राज्यों के सीएम जारी विवाद के समाधान को लेकर फोन पर वार्ता भी कर चुके हैं।

अब ऐसे में यह पूरा माजरा आगामी दिनों में क्या रुख अख्तियार करता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी। उधर इस मसले को लेकर जारी विवाद के बीच भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती बढ़ा दी गई और सभी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

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