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UP: ‘मुसलमानों का मसीहा है PFI, किसको है इससे खतरा..,’ समाजवादी पार्टी के सांसद को रास नहीं आई NIA की कार्रवाई

UP: अपने बयान में सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया एक संस्था के तौर पर काम कर रही हैं और उस पर छापेमारी करना जुल्म करने के बराबर है..

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA ने बीते गुरुवार को 15 राज्यों के  93 जगहों पर जमकर छापेमारी की और राज्यों के अलग-अलग इलाकों से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 106 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। माना जा रहा है कि ये पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। PFI पर आतंकवाद को बढ़ावा देने, धन मुहैया कराने, प्रतिबंधित आतंकी संगठनों में लोगों को बरगलाने और शामिल करने का आरोप हैं। इस कड़ी में समाजवादी पार्टी के सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने NIA  की कार्रवाई को गलत बताते हुए इसे जुल्म करार दिया है। सांसद का कहना है कि कार्रवाई गलत तरीके से की गई हैं।

PFI को बताया मुसलमानों का मसीहा

अपने बयान में सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया एक संस्था के तौर पर काम कर रही हैं और उस पर छापेमारी करना जुल्म करने के बराबर है..आखिर उनका जुर्म क्या है…वो एक पार्टी और संस्था है जो राजनीतिक पार्टियों के साथ मिलकर प्रोग्राम चलाती है। कार्रवाई कर उन पर बेवजह का जुल्म किया जा रहा है। सरकार पर आरोप लगाते हुए बर्क ने कहा कि जो सरकार सत्ता में है वो जिसे चाहे गिरफ्तार करा सकती है। पीएफआई मुसलमानों के लिए एक मसीहा है…वो मुसलमानों के हक की लड़ाई लड़ते हैं। ऐसे में गलत क्या है।

एक वर्ग को टारगेट करने का काम कर रही- बर्क

इससे पहले मदरसों के सर्वे को लेकर भी डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क सरकार पर निशाना साध चुके हैं। उन्होंने कहा था कि चुनावी माहौल है और ऐसे भी बीजेपी लोगों का ध्यान भटकाने के लिए  मदरसों और वक्फ संपत्तियों की जांच करा रही हैं।  वक्फ संपत्तियों की जांच का मुद्दा उठाकर मुसलमानों को डराने का काम किया जा रहा है। वो चाहते हैं कि देश में मुसलमान डरकर रहे।  सरकार मुसलमानों का हौसला तोड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी के मुद्दे से हटकर अब सरकार एक वर्ग को टारगेट करने का काम कर रही हैं।

 

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