हेल्थ एक्सपर्ट से राहुल ने पूछा- भइया कब आएगी कोरोना की वैक्सीन?, तो लोगों ने उड़ाई जमकर खिल्ली

इस दौरान राहुल ने पूछा कि ‘ये भईया बताइए कि वैक्सीन कब आएगी?’ इसके जवाब में आशीष झा ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि अगले साल तक वैक्सीन आ जाएगी।

Written by: May 27, 2020 11:24 am

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर बुधवार को हेल्थ एक्सपर्ट के साथ चर्चा की। राहुल ने वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त पब्लिक हेल्थ प्रोफेशनल आशीष झा और प्रसिद्ध स्वीडिश एपिडेमियोलॉजिस्ट जोहान गिसेके के साथ कोरोना लॉकडाउन से जुड़े कई सवालों पर बातचीत की।

राहुल गांधी ने हावर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आशीष झा से सवाल किया कि, लॉकडाउन पर उनका क्या विचार है? इससे मनोविज्ञान पर फर्क पड़ता है, ये कितना मुश्किल है? जवाब में प्रोफेसर झा ने कहा- कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन को लेकर कई तरह के विचार हैं, लॉकडाउन से वायरस के प्रसार को कम किया जा सकता है। अगर वायरस को रोकना है तो पीड़ितों समाज से अलग कर सकते हैं। इसके लिए टेस्टिंग जरूरी है। हालांकि लॉकडाउन से वायरस नहीं रुकता यह आपको अपनी क्षमता बढ़ाने और तैयारियों के लिए वक्त देता है। क्योंकि लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था पर बड़ी चोट मिल सकती है। अगर लॉकडाउन का इस्तेमाल अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए नहीं किया गया, तो इससे बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है।

Rahul Gandhi

इस दौरान राहुल ने पूछा कि ‘ये भईया बताइए कि वैक्सीन कब आएगी?’ इसके जवाब में आशीष झा ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि अगले साल तक वैक्सीन आ जाएगी। भारत को इसके लिए प्लान बनाना पड़ेगा, क्योंकि भारत को 50 करोड़ से अधिक वैक्सीन बनानी है।

वहीं राहुल गांधी के इस प्रश्न पर सोशल मीडिया पर जमकर मजाक बनाया गया। लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी की जमकर खिल्ली उड़ाई।

 

कोविड-19 संकट से निपटने के लिए अर्थशास्त्र, सामाजिक विज्ञान, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों के विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त विशेषज्ञों के साथ कांग्रेस नेता राहुल द्वारा किए गए संवादों की श्रृंखला में यह तीसरी बातचीत होगी। इससे पहले राहुल गांधी ने हाल ही में विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री रघुराम राजन और नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी के साथ बात की थी। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने मंगलवार को कहा था कि कोविड-19 महामारी के प्रकोप से बचने के लिए लॉकडाउन पूरी तरह से विफल रहा है।