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Rahul Gandhi: ‘सरकार डरी हुई है’…!, लंदन में बयान देकर घिरे राहुल ने प्रेस कांफ्रेंस कर बोला केंद्र पर हमला

Rahul Gandhi: उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अगर उन्हें संसद में अपने बयान को लेकर सफाई देने का मौका मिला, तो वो जरूर देंगे। वहीं, थोड़ी ही देर में राहुल गांधी विदेश में कई गई टिप्पणियों को लेकर प्रेस कांफ्रेंस करने वाले हैं। ऐसे में वो प्रेस कांफ्रेंस में किन-किन मुद्दों का जिक्र करते हैं और केंद्र सरकार से अपना बचाव कैसे करते हैं।

नई दिल्ली। ब्रिटेन में भारतीय लोकतंत्र, न्यायपालिका और मीडिया को लेकर की गई अपनी टिप्पणियों की वजह से कांग्रेस नेता राहुल गांधी केंद्र की बीजेपी सरकार के निशाने पर आ चुके हैं। संसद में पिछले चार दिनों से कांग्रेस नेता के बयान को लेकर संग्राम छिड़ा हुआ है। बीजेपी राहुल से माफी की मांग कर रही है। उधर, आज राहुल संसद पहुंचे। जहां वे मुस्कुराते हुए नजर आए। इस बीच उन्होंने मीडिया से मुखातिब होने के क्रम में स्पष्ट कर दिया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा है। लिहाजा वो कोई माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की है। उधर, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगर उन्हें संसद में अपने बयान को लेकर सफाई देने का मौका मिला, तो वो जरूर देंगे। इस बीच कांग्रेस नेता ने लंदन में दिए अपने बयान को लेकर प्रेस कांफ्रेंस भी किया। आइए,  आगे आपको विस्तार से बताते हैं कि उन्होंने क्या कुछ कहा..!

राहुल ने कहा कि, ‘मैं सदन में अपनी बात स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं। आज सुबह मैं संसद पहुंचा था। सदन में सत्तापक्ष  के चार सांसदों ने मेरे खिलाफ आरोप लगाए थे। लिहाजा मैं अपनी बात स्पष्ट रूप से सदन में कहने की इजाजत चाहता हूं। मैं अडानी मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछना चाहता हूं। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री अडानी प्रकरण को लेकर कई सवालों का जवाब देने से गुरेज कर रहे हैं। लेकिन पूरा देश अडानी प्रकरण से जुड़े कई विषयों के बारे में विस्तार से जानना चाहता है। राहुल ने कहा कि संसद में जिस तरह से सत्तापक्ष के चार सांसदों ने मेरे खिलाफ आरोप लगाए हैं, ऐसे में मेरा कर्तव्य बनता है कि मैं एक सांसद होने के नाते अपनी बात स्पष्ट रूप से संसद में कहूं। मैं सभी विषयों के बारे में विस्तार से संसद में जवाब देना चाहता हूं, लेकिन मुझे नहीं लगता है कि मुझे सदन में बोलने की इजाजत मिलेगी।

राहुल ने कहा कि, ‘ मैंने कुछ दिनों से पहले सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अडानी जी के बारे में भाषण दिया था और उस भाषण को बाद में स्पंज कर दिया गया था। भाषण को मैंने तैयार किया था। मैंने प्रधानमंत्री और अडानी के रिश्ते के बारे में सवाल किया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार अडानी प्रकरण की वजह से डरी हुई है। लिहाजा पीएम मोदी सवालों से बच रहे हैं। तो इस तरह से राहुल ने कमोबेश उन्हीं मसलों का जिक्र किया जिसका उन्होंने ब्रिटेन में किया था।

वहीं, ब्रिटेन में राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान को लेकर संसद में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच संग्राम छिड़ा हुआ है। बीजेपी जहां राहुल से माफी मांगाने की मांग कर रही है, तो वहीं कांग्नेस ने स्पष्ट कर दिया है कि राहुल माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा है। इस बीच संसद में जहां सत्तापक्ष राहुल के बयान को लेकर कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं, तो वहीं विपक्षी दल  सरकार से अडानी प्रकरण की जेपीसी जांच कराने की मांग कर रही है, जिसकी वजह से पिछले चार दिनों से संसद की कार्यवाही बाधित हो रही है। बीते बुधवार को विपक्ष के कई नेताओं ने संसद से ईडी दफ्तर तक विरोध मार्च किया था। हालांकि, इस मार्च तृणमूल और रांकापा शामिल नहीं हुए थे। बता दें कि विपक्षी दलों ने ईडी निदेशक को पत्र लिखकर केंद्रीय जांच एजेंसी के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे लेकर अभी सियासी बवाल छिड़ा हुआ है।