रेलवे के विस्टाडोम कोच वाली ट्रेन से आरामदायक होगा यात्रियों का सफर, जानिये क्या है इसकी खासियतें

Vistadome Coach: इस कोच में लगी 44 चेयरकार(Chair car) सीटें होंगी, जो 180 डिग्री तक सभी दिशाओं में घूमने में सक्षम होंगी। इन कोच में हर सीट में नीचे की तरफ चार्जिंग प्वाइंट लगा होगा और संगीत सुनने वालों के लिए डिजिटल स्क्रीन और साउंड और वाई फाई भी मिलेगा।

Avatar Written by: December 30, 2020 2:23 pm
railway-will-be-run-44-seater-vistadome-tourist-coach

नई दिल्ली। साल के खत्म होते-होते भारतीय रेलवे ने पर्यटकों अच्छी खबर दी है। बता दें कि पर्यटकों को लुभावने दृश्य का एहसास कराने के लिए भारतीय रेलवे कोच फैक्ट्री ने विस्टाडोम कोच का निर्माण कर रहा है। इस निर्माण को लेकर जानकारी दी गई है कि, इससे पर्यटक ट्रेन के संग रेल लाइन के आसपास के सुंदर नजारों का आनंद ले सकेंगे। वो चाहे जम्मू से कटरा रेलवे स्टेशनों के बीच पहाड़ी का मनोरम दृश्य हो या फिर गुफाओं से गुजरती ट्रेन का रोमांचक सफर। इसको लेकर एलएचबी क्लास इन कोच का सफल ट्रायल हुआ। मंगलवार को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने भी इसकी पहली फोटो साझा की। भारतीय रेलवे ने इसकी तैयारी जोरों पर शुरू की है। इसके तहत मार्च में आठ और कोच तैयार होंगे। जिसमें दो कोच उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल को देने की तैयारी है। अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी के दर्शनीय स्थलों को पर्यटकों को दिखाया जा सके। ट्रेन में एक विस्टाडोम कोच लगाए जाएंगे।

Vistadome Coach pic

इस ट्रेन की खासियतों पर गौर करें तो यात्रा के दौरान बड़े ग्लास से पीछे का नजारा ट्रेन के चलने पर साफ दिखायी देगा। हर कोच में 44 पर्यटकों के बैठने की क्षमता होगी। एयर स्प्रिंग सस्पेंशन से लैस होंगे कोच, जिससे आरामदायक सफर यात्रियों को मिलेगा। वहीं लंबे ग्लास वाली खिड़की, और इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रित होने वाली कांच की रूफ टॉप जिससे आसमान की ओर भी पारदर्शी रूप से देखा जा सके। वहीं, दर्शनीय स्थल को देखने के लिए लंबी खिड़की वाला लाउंज भी हर कोच में होगा।

वहीं इस कोच में लगी 44 चेयरकार सीटें होंगी, जो 180 डिग्री तक सभी दिशाओं में घूमने में सक्षम होंगी। इन कोच में हर सीट में नीचे की तरफ चार्जिंग प्वाइंट लगा होगा और संगीत सुनने वालों के लिए डिजिटल स्क्रीन और साउंड और वाई फाई भी मिलेगा। अन्य सुविधाओं की बात करें तो कोच में प्रवेश के समय यात्रियों को दोनों तरफ आटोमेटिक स्लाइडिंग वाले दरवाजे मिलेंगे। दिव्यांगजन के लिए व्हील चेयर के साथ बड़ा गेट लगाया गया है। जीपीएस वाले पब्लिक एड्रेस व पैसेंजर इंफारमेशन सिस्टम से लैस होंगे ये कोच।

इसके अलावा स्टेनलेस स्टील से सामान को रखने वाला रैक, नाश्ता उपलब्ध कराने के लिए यात्रियों को मिनी पैंट्री कार की सुविधा मिलेगी। तो वहीं हॉटकेस, माइक्रोवेव ओवन, कॉफी की मशीन, फ्रीज मिनी पैंट्री का हिस्सा होंगे। अलार्म वाला ऑटोमेटिक फायर डिटेक्शन सिस्टम भी होंगे। बता दें कि चेन्नई की रेल कोच फैक्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि, 31 मार्च 2021 तक कुल 10 विस्टाडोम कोच बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

बता दें कि सेंट्रल रेलवे को इसमें दो कोच भेजे गए थे। जहां उनका 180 किमी. प्रति घंटे की गति के लिए ऑस्कीलेशन ट्रायल किया गया है। शेष आठ कोच बनते ही उत्तर रेलवे को दो कोच भेजे जाएंगे। माना जा रहा है कि इसमें उत्तराखंड में देहरादून से हरिद्वार तक और लखनऊ से फैजाबाद, वाराणसी व प्रयागराज रूट के लिए अधिक डिमांड पर्यटकों की आएगी।

Support Newsroompost
Support Newsroompost