यूपी : सपा का ऐलान, सरकार आई तो देंगे CAA प्रदर्शनकारियों को पेंशन

उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करने वाले लोगों को समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो पेंशन देने का काम करेगी।

Written by: January 3, 2020 2:53 pm

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने CAA प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्ती दिखाई और हिंसा कर पब्लिक प्रॉपर्टी जब्त करनी शुरू कर दी। इसको देखते हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोविंद चौधरी ने ऐलान किया है कि अगर यूपी में उनकी पार्टी की सरकार आई तो प्रदर्शनकारियों को पेंशन मिलेगी।

Akhilesh yadav

उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करने वाले लोगों को समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो पेंशन देने का काम करेगी। बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर करने पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बांग्लादेशियों को बाहर किसी भी तरह से नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यूपी में सपा ने आंदोलन किया है, कांग्रेस ने नहीं।

मीडिया पर प्रहार

राम गोविंद चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) के इशारे पर मीडिया मुख्य विपक्षी दल को नुकसान पहुंचाने के लिए प्रियंका और कांग्रेस को आगे ला रही है। राम गोविंद चौधरी का कहना था कि समाजवादी पार्टी के आंदोलनों पर मीडिया का ध्यान नहीं है।

उन्होंने यह बात देवरिया के डाक बंगले पर किए गए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। राम गोविंद चौधरी से नागरिकता कानून पर पर एक पत्रकार ने सवाल किया कि क्या सीएए का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों आपकी सरकार बनी तो लोकतंत्र स्वतंत्रता सेनानियों की तरह सम्मानित किया जायेगा?

Ram Govind

मुआवजा देंगे

इसके जवाब में उन्होंने कहा कि बिलकुल नवाजा जाएगा और हमारी सरकार केंद्र और प्रदेश में आई तो उन्हें पेंशन देने का काम किया जाएगा। क्योंकि उन्होंने संविधान बचाने के लिए आंदोलन किया है, उन्होंने संविधान को बचाने के लिए काम किया है। राम गोविंद चौधरी ने वादा किया है कि प्रदर्शनकारियों को संविधान रक्षक का दर्जा देंगे। इसके साथ ही सपा नेता ने दावा कि प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों की मौत हुई है और जिन्हें जेल में भेजा गया है, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।

up police 2

उन्होंने कहा, ‘जैसे ही अखिलेश यादव मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे, वैसे ही नागरिकता कानून, एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर दर्ज सभी केस वापस लिए जाएंगे। समाजवादी पार्टी किसी की नागरिकता पर सवाल खड़े नहीं करती है।