अगले महीने शुरू होगा राम मंदिर का निर्माण, पीएम मोदी कर सकते हैं भूमि पूजन, ट्रस्ट ने भेजी ये दो तारीख

रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की यहां शनिवार को हुई बैठक में मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास की तिथि तय कर ली गई। ट्रस्ट ने शिलान्यास के लिए तीन और पांच अगस्त की तिथि तय की और इससे संबंधित प्रस्ताव पीएमओ को भेज दिया है।

Avatar Written by: July 18, 2020 6:54 pm

नई दिल्ली। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की यहां शनिवार को हुई बैठक में मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास की तिथि तय कर ली गई। ट्रस्ट ने शिलान्यास के लिए तीन और पांच अगस्त की तिथि तय की और इससे संबंधित प्रस्ताव पीएमओ को भेज दिया है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने बताया कि श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को भूमि पूजन के लिए तीन तथा पांच अगस्त की तिथि का प्रस्ताव भेजा गया है। बता दें कि बैठक में राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र के साथ ट्रस्ट के 12 सदस्य मौजूद थे, जबकि तीन सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर थे।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सर्किट हाउस से बाहर निकलकर बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में सभी लोगों ने निर्माण को लेकर प्रसन्नता जाहिर की। जो अवशेष जमीन से प्राप्त हुए हैं, सभी ने उन्हें देखा और प्रसन्नता जाहिर की। हालांकि मट्टी की ताकत कितनी है, इसकी रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। उसके बाद यह निर्णय होगा कि नींव कितनी रखी जाएगी। 60 मीटर नीचे से मिट्टी के सैंपल लिए जाएंगे। इसके लिए लार्सेन एंड ट्यूब्रो कंपनी काम कर रही है।

वहीं मंदिर निर्माण कब तक पूरा होगा, इसके बारे में चंपत राय ने बताया कि जब सारे प्राथमिक काम पूरे हो जाएंगे तब से निर्माण की गणना शुरू की जाएगी। समाज के 10 करोड़ परिवार से धन संग्रह किया जाएगा, इसके बाद ही मंदिर का निर्माण शुरू किया जाएगा।

इतना ऊंचा होगा राम मंदिर 

इसके अलावा बैठक में मंदिर की ऊंचाई और निर्माण की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। तय हुआ कि मंदिर के नक्शे में परिवर्तन किया जाएगा। अब  राम मंदिर161 फीट ऊंचा होगा।

नक्शे में किया गया बदलाव

मंदिर के नक्शे में भी बदलाव किया जाएगा। अब मंदिर में 3 की जगह 5 गुम्बद होंगे। मंदिर की ऊंचाई भी प्रस्तावित नक्शे से अब ज्यादा होगी। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि स्थिति सामान्य हो जाने के बाद फंड एकत्र किया जाएगा। हमें लगता है कि 3-3.5 वर्षों के अंदर मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा।