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Smriti Irani: दिल्ली हाईकोर्ट ने स्मृति ईरानी पर आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेताओं को दिया तगड़ा झटका, बीजेपी नेत्री को मिली बड़ी राहत

बीते दिनों कांग्रेस ने स्मृति ईरानी की बेटी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने किसी मृत व्यक्ति के नाम पर गोवा में  बार संचालित करने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था, जो कि कानून की नजर में अवैध है, जिसे लेकर बीते दिनों कांग्रेस स्मृति ईरानी पर हमलावर हो गई थी। जिसके जवाब में ईरानी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी मुझसे बदला ले रही है, क्योंकि मैंने विगत लोकसभा चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी को धूल चटाई थी।

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नई दिल्ली। गोवा बार मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बीजेपी नेत्री व केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी को बड़ी राहत दी है। इसके साथ ही कोर्ट ने स्मृति ईरानी की बेटी पर आरोप लगाने वाले कांग्रेस नेताओं को भी तगड़ा झटका दिया है। दरअसल, कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि स्मृति ईरानी की बेटी ने कभी किसी बार के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन नहीं किया था और ना ही उनके नाम पर वर्तमान में कोई बार संचालित किया जा रहा है। बता दें कि कोर्ट ने  उक्त टिप्पणी स्मृति ईरानी द्वारा कोर्ट में दायर किए गए मानहानि मामले में की है। कोर्ट ने कहा कि गोवा सरकार ने कभी-भी स्मृति ईरानी की बेटी या उन्हें कभी-भी कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया था। जिसे लेकर बीते दिनों कांग्रेस बीजेपी नेत्री स्मृति ईरानी को निशाने पर ले रही थी।

बता दें कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने आदेश के पेरा नंबर 26 में कांग्रेस नेता जयराम रमेश, पवन खेड़ा और डिसूजा का जिक्र कर कहा कि इन तीनों ही कांग्रेस नेताओं ने स्मृति ईरानी की सार्वजनिक छवि को ठेस पहुंचाने के लिए यह साजिश रची थी। इससे उनके और उनके परिवार की सार्वजनिक छवि को गहरा धक्का लगा है। पैरा 29 में कहा गया है कि वादी द्वारा दायर किए गए विभिन्न दस्तावेजों और प्रतिवादी संख्या 1, 2, 3 द्वारा किए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंशों को देखने के बाद, मेरा प्रथम दृष्टया विचार है कि वादी के खिलाफ वास्तविक तथ्यों की पुष्टि किए बिना निंदनीय और अपमानजनक आरोप लगाए गए हैं।  ध्यान रहे कि इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा और जयराम रमेश को स्मृति ईरानी और उनकी बेटी के विरोध में किए गए ट्वीट को हटाने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि अगर वे खुद ईरानी के विरुद्ध किए गए पोस्ट को नहीं हटाते हैं, तो सोशल मीडिया कंपनी को खुद यह कदम उठाना चाहिए। वहीं, स्मृति ईरानी द्वारा दायर किए गए मानहानि मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेताओं को आगामी 18 अगस्त तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई विगत 15 नवंबर को होगी।

गौरतलब है कि बीते दिनों कांग्रेस ने स्मृति ईरानी की बेटी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने किसी मृत व्यक्ति के नाम पर गोवा में बार संचालित करने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन किया था, जो कि कानून की नजर में अवैध है, जिसे लेकर बीते दिनों कांग्रेस बीजेपी नेत्री स्मृति ईरानी पर हमलावर हो गई थी।

smriti irani

जिसके जवाब में ईरानी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी मुझसे बदला ले रही है, क्योंकि मैंने विगत लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को अमेठी में धूल चटाई थी और वर्तमान में कांग्रेस नेताओं द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले के खिलाफ खुलकर बोल रही हूं, जिससे कांग्रेस मुझसे खफा है। बता दें कि ईरानी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि कांग्रेस मुझसे बदला लेने के लिए अब मेरी बेटी को निशाना बना रही है। ध्यान रहे कि इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और जयराम रमेश ने ईरानी पर जमकर निशाना साधा था, जिसके जवाब में उन्होंने कांग्रेस नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया था कि किस आधार पर यह आरोप लगाए गए हैं। आज इसी मामले  में दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस को तगड़ा झटका दे दिया है। अब देखना होगा कि इस मामले में कांग्रेस नेताओं की ओर से क्या कुछ प्रतिक्रिया सामने आती है। तब तक के लिए आप देश दुनिया की तमाम बड़ी खबरों से रूबरू होने के लिए आप पढ़ते रहिए। न्यूज रूम पोस्ट.कॉम

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