बाहर फंसे हुए यूपी के मजदूरों को वापिस लाने की मुहिम में जुटी योगी सरकार, छात्रों के लिए घर वापसी की विशेष सुविधाएं

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार 23 करोड़ जनता को इस महामारी से बचा रही है और अलग-अलग प्रदेशों में फंसे अपने मजदूरों व प्रतियोगी छात्रों को सुरक्षित निकाल कर उन्हें घर पहुंचा रही है।

Written by: April 28, 2020 1:00 pm

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लॉकडाउन के दौरान फंसे हुए मजदूरों और छात्रों की घर वापसी के लिए विशेष इंतजाम में जुटे हुए हैं। टीम 11 की बैठक में सीएम योगी ने इस बाबत दिशा निर्देश जारी किए। न सिर्फ मजदूरों को दूसरे प्रदेशों से वापिस लाने पर जोर दिया जा रहा है बल्कि जो मजदूर वापिस आए हैं, उनके स्वास्थ्य का भी विशेष ख्याल रखा जा रहा है।

Yogi adityanath

सीएम के निर्देश पर हर प्रवासी मजदूर व प्रतियोगी छात्र को वापस उनके घर पहुंचाया जा रहा है। सरकारी मशीनरी इस काम में जुटी हुई है। सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि हरियाणा के जो 11000 प्रवासी मजदूर उत्तर प्रदेश वापस लाए गए हैं, उन्हें क्वारंटीन सेंटरों में रखा जाए। उनकी उचित व्यवस्था और देखरेख की जाए। सीएम योगी ने साथ ही यह भी निर्देश दिया कि कोटा से आए 11000 छात्र-छात्राओं का परीक्षण कराकर उन्हें घरों में क्वारंटाइन किया जाए। उन सभी की देखरेख की जाए।

सीएम योगी ने यह भी निर्देश दिया कि प्रयागराज में रह रहे जिन 10000 छात्र-छात्राओं को उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था प्रारंभ की गई है, उसे पूरी तरह से सुनिश्चित किया जाए। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश में मौजूद यूपी के मजदूरों को वापस लाने की व्यवस्था शुरू की जाए। यूपी में योगी के निर्देशों के मुताबिक 15 लाख नौकरी व रोजगार के अवसरों की व्यवस्था की जा रही है। कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी इस दिशा में काम कर रही है।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार 23 करोड़ जनता को इस महामारी से बचा रही है और अलग-अलग प्रदेशों में फंसे अपने मजदूरों व प्रतियोगी छात्रों को सुरक्षित निकाल कर उन्हें घर पहुंचा रही है।

प्रयागराज में मौजूद 10 हजार छात्रों को उनके घर पहुंचाएं : सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोटा (राजस्थान) से हजारों छात्रों को अपने घरों तक पहुंचाने के बाद अब प्रयागराज में अध्ययनरत करीब 10 हजार छात्रों को 300 बसों से उनके गृह जनपद तक पहुंचाने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री की टीम 11 के साथ बैठक के बाद उनके निर्देशों की जानकारी अपर सचिव गृह अवनीष अवस्थी ने मीडिया को दी।

UP CM Yogi Adityanath

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी ने प्रयागराज में प्रदेश के अन्य जिलों के रहने वाले करीब 10 हजार छात्रों को उनके गृह जनपद में पहुंचाने का आदेश जारी किया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए हर जिले में 15,000 से 25,000 क्षमता के क्वारंटीन सेंटरों के निर्माण का निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिया है।

अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में शिक्षारत 10 हजार छात्रों को उनके गृह जनपदों तक पहुंचाने का आदेश जारी किया है। इसके लिए प्रयागराज के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, एमडी रोडवेज को आदेश दिया गया है कि 300 बसों को तैनात कर सभी छात्रों को उनके गृह जनपद पहुंचा दिया जाए।

यह बसें प्रयागराज की तीन जगहों से चलेंगी। इस प्रक्रिया के पहले चरण में सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, फतेहपुर और चित्रकूट के छात्रों को भेजने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद दूसरे चरण में इन्हीं बसों से अन्य जनपद में छात्रों को भेजा जाएगा। छात्र-छात्राओं की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर छात्र का पूरा ब्यौरा रखा जाए।

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उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद हरियाणा से अब तक 12,200 श्रमिकों को यूपी लाया गया है। इस कार्य के लिए 328 बसों को लगाया गया है। 26 अप्रैल को प्रदेश के चार बार्डर पर 9992 श्रमिकों को लाया गया। सहारनपुर के बार्डर पर 74, शामली के बार्डर पर 55, बागपत के बार्डर पर 47, मथुरा के बार्डर पर 63 और बुलंदशहर के बार्डर पर 89 बसें हरियाणा से श्रमिकों को लेकर पहुंची हैं। इसके पहले 25 अप्रैल को 2224 श्रमिकों को लाया गया था।

उन्होंने बताया कि आने वाले सभी श्रमिकों की मेडिकल जांच करा ली गई है। इसके बाद भी उन्हें 349 बसों के माध्यम से अपने-अपने जिले के क्वारंटीन सेंटर में भेजा गया है जहां उन्हें 14 दिनों तक रहना होगा। अपर मुख्य सचिव, गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही 18 जिलों में विशेष नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को आगरा, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, लखनऊ और वाराणसी में तैनात नोडल अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा कर उन्हें आवश्यक निर्देश भी दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति पहले से बेहतर है। प्रदेश में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर संक्रमण और मृत्युदर अन्य राज्यों से बहुत बेहतर है।