क्या केंद्र सरकार ने अर्धसैनिक बलों के विलय की योजना तैयार की है? सच आया सामने

Fact Check: खबर में लिखा गया है कि, ”इस योजना का असर देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ(CRPF) पर पड़ेगा। इस बल की संख्या दूसरी फोर्स के मुकाबले कहीं ज्यादा है।

Written by: December 1, 2020 4:10 pm
chattishgarh crpf

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों के बीच ये अंदाजा मुश्किल हो जाता है कि कौन सी खबरें सच हैं और कौन सी अफवाह। ऐसी तमाम खबरें आपको सोशल मीडिया पर मिलेंगी जो वायरल तो खूब होती हैं लेकिन उनका रियल्टी चेक होने पर खबर गलत साबित हो जाती है। एक ऐसी ही खबर अर्धसैनिक बलों को लेकर वायरल हो रही है। खबर में कहा गया है कि, केंद्र सरकार ने अर्धसैनिक बलों के विलय की योजना तैयार की है और इसके तहत 40 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले कर्मियों को दूसरे बलों में भेजा जाएगा। हालांकि जब इस खबर को लेकर सच खंगाला गया तो सच कुछ और ही सामने आया। बता दें कि इस खबर में लिखा गया, ”केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की आपसी विलय की योजना तैयार कर ली गई है। इसके तहत विभिन्न अर्धसैनिक बलों के ऐसे कर्मियों, जिनकी आयु 40 साल से ज्यादा है, उन्हें अपनी मूल फोर्स से दूसरे किसी बल में भेजा जा सकता है।”

Indian army

वायरल हो रही खबर में दावा

खबर में यह भी लिखा गया है कि, ”इस योजना का असर देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ पर पड़ेगा। इस बल की संख्या दूसरी फोर्स के मुकाबले कहीं ज्यादा है। विलय योजना की शुरुआत इस साल से हो रही है। पहला बैच परीक्षण के तौर पर रहेगा।”

इस ऑपरेशन के दौरान कई सारे उग्रवादी भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सेना के जवानों ने उन्हें भी धर दबोचा। दो देशों की सेना द्वारा किए गए इस ऑपरेशन से उग्रवादियों को भी काफी बड़ा झटका लगा है। 

वायरल हो रही इस खबर में आगे लिखा है कि, “इसके अंतर्गत बहुत जल्द दो हजार जवानों को दूसरे बल में भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। देश में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की संख्या 10 लाख से ज्यादा है। सीआरपीएफ में ही 3.25 लाख से ज्यादा अफसर और जवान है।”

क्या है सच

आपको बता दें कि जब इसको लेकर पीआईबी फैक्ट चेक ने पड़ताल की तो इस तरह की कोई खबर नहीं मिली। पड़ताल में पता चला है कि केंद्र सरकार की तरफ से ऐसा कोई विचार नहीं किया गया है। ना ही केंद्र सरकार ने अर्धसैनिक बलों के विलय की कोई योजना बनाई है। बता दें कि यह दावा पूरी तरह से फर्जी निकला है।

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