Pakistan Election: पाकिस्तान के आम चुनाव में किसी पार्टी को बहुमत नहीं, नवाज शरीफ ने सबको साथ आने का न्योता दिया तो जेल में बंद इमरान खान ने कसा तंज

Pakistan Election: पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में 70 सीटें आरक्षित भी हैं। इनमें से 60 सीटें महिलाओं के लिए हैं और 10 सीटें गैर मुस्लिमों के लिए आरक्षित हैं। संसदीय चुनाव में पार्टियों की जीती सीटों के आधार पर ही इन आरक्षित सीटों में उनके प्रत्याशियों को जगह दी जाती है।

Avatar Written by: February 10, 2024 10:17 am

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की संसद नेशनल असेंबली के चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है। जेल में कैद इमरान खान की पार्टी पीटीआई की जगह तमाम उम्मीदवार निर्दलीय लड़े थे और इनमें से अब तक 100 ने चुनाव जीता है। वहीं, पूर्व पीएम और पीएमएल-एन के नवाज शरीफ ने बहुमत न मिलने के बाद सभी दलों को साथ आने का न्योता दिया है। उनके इस न्योते के बाद इमरान खान ने बयान जारी कर कहा है कि नवाज का लंदन प्लान फेल हो गया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान नेशनल असेंबली की 266 सीटों में से 236 सीटों के नतीजे आए हैं। इनमें से इमरान खान समर्थित निर्दलीयों की संख्या 100 है। नवाज शरीफ की पार्टी को 71 सीटों पर जीत मिली है। वहीं, बिलावल भुट्टो जरदारी की पीपीपी को 53 सीटें मिली हैं। जबकि, सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 134 सीट का है।

जानकारी के मुताबिक किसी भी दल को बहुमत न मिलता देखकर मिली-जुली सरकार बनाने की कोशिश भी तेज हो चुकी है। पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी अपने पिता और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के साथ लाहौर पहुंचे और वहां नवाज शरीफ के साथ उन्होंने बैठक की। फिर भी दोनों दल मिलकर भी बहुमत तक पहुंचने की स्थिति में फिलहाल नहीं हैं। वहीं, इमरान खान की पीटीआई ये दावा कर रही है कि उसे बहुमत मिल चुका है। हालांकि, अब तक सभी नतीजे पाकिस्तान चुनाव आयोग ने जारी नहीं किए हैं। आज देर रात तक पाकिस्तान में सियासी स्थिति साफ होने के आसार हैं।

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में 70 सीटें आरक्षित भी हैं। इनमें से 60 सीटें महिलाओं के लिए हैं और 10 सीटें गैर मुस्लिमों के लिए आरक्षित हैं। संसदीय चुनाव में पार्टियों की जीती सीटों के आधार पर ही इन आरक्षित सीटों में उनके प्रत्याशियों को जगह दी जाती है। इस तरह इमरान खान की पार्टी को सबसे ज्यादा आरक्षित सीटें मिलने जा रही हैं। इससे भी नवाज शरीफ और बिलावल भुट्टो जरदारी की पार्टियों के सामने दिक्कत खड़ी हो रही है। ऐसे में सबकी नजर इस पर है कि आने वाले वक्त में पाकिस्तान की सियासत का ऊंट किस करवट बैठता है।

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