‘कनाडा को वैक्सीन देने के मोदी के वादे ने आलोचनाओं को दिया विराम’

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा कनाडा (Canada) को कोविड-19 वैक्सीन देने के वादे का इंडो-कनाडा चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसीसी) समेत कई अन्य इंडो-कैनेडियन संगठनों ने स्वागत किया है। मोदी ने अपने कनाडाई समकक्ष जस्टिन ट्रूडो से यह वादा तब किया, जब बुधवार को ट्रूडो ने उनसे महामारी, आर्थिक सुधार और जलवायु परिवर्तन समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए फोन किया था।

आईएएनएस Written by: February 11, 2021 2:02 pm

टोरंटो। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा कनाडा (Canada) को कोविड-19 वैक्सीन देने के वादे का इंडो-कनाडा चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसीसी) समेत कई अन्य इंडो-कैनेडियन संगठनों ने स्वागत किया है। मोदी ने अपने कनाडाई समकक्ष जस्टिन ट्रूडो से यह वादा तब किया, जब बुधवार को ट्रूडो ने उनसे महामारी, आर्थिक सुधार और जलवायु परिवर्तन समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए फोन किया था।

WHO Corona vaccine

मोदी ने ट्वीट कर कहा कि “मैंने ट्रूडो को आश्वासन दिया है कि भारत कनाडा द्वारा मांगे गए कोविड-19 टीकों की आपूर्ति को सुविधाजनक बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगा।” बता दें कि वैक्सीन की उपलब्धता में कमी के कारण ट्रूडो को सार्वजनिक तौर पर खासी आलोचना झेलनी पड़ रही है। फाइजर और मॉडर्ना दोनों ने ही कनाडा के शिपमेंट में या तो देरी की है या कटौती की है। इसके चलते कनाडा को अब तक केवल 11 लाख वैक्सीन डोज ही मिले हैं।

PM Narendra Modi

भारत में किसानों द्वारा किए जा रहे विरोध के समर्थन में ट्रूडो द्वारा दिसंबर में एक बयान जारी करने के बाद अब उनके द्वारा मोदी को फोन करने की पहल का इंडो-कैनेडियन ट्रेड बॉडीज ने स्वागत किया है। द्विपक्षीय संबंधों में इसे एक बड़ी बात बताते हुए इंडो-कनाडा चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विजय थॉमस ने कहा, “हाल ही में हुए कुछ विवादों को देखते हुए कनाडा को वैक्सीन देने का भारत का वादा एक स्वागत योग्य खबर है। इससे एक बड़ा अवरोध टूट गया है। कभी-कभी राजनीति, व्यापार संबंधों को बेहतर करती है लेकिन बेहतर व्यापार भी एक अच्छा राजनीतिक संबंध बना सकता है। इस विकास से हमारे दोनों देशों के बीच की सभी परेशानियों को दूर करने में मदद मिलेगी।”

Justin Trudo PM Modi

वहीं ओटावा स्थित ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ इंडिया और कनाडा (ओएफआईसी) के अध्यक्ष शिव भास्कर ने कहा, “किसानों के विरोध को लेकर हाल ही में कनाडा द्वारा दिए गए बयान से उपजी नाराजगी दूर होगी। भारत, कनाडा के गुड्स, कृषि, यूरिया जैसी कई चीजों के लिए बड़ा बाजार है। लिहाजा हमें भारत के आंतरिक मामलों पर बयान जारी करने के बजाय व्यापार पर ध्यान देना चाहिए।” विनीपेग के व्यवसायी हेमंत शाह ने कहा, “ट्रूडो ने मोदी को फोन करके अच्छा काम किया है। हमें नकारात्मक बयानों से द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।”

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