अमेरिका : FDA ने दी मॉर्डना की कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी

Moderna Corona Vaccine: अमेरिका(America) के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन( Food and Drug Administration ) ने बीते दिनों मॉडर्ना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी देने के संकेत दिए थे। वहीं फाइजर की वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।

Avatar Written by: December 18, 2020 2:51 pm
Moderna America

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए वैक्सीन की खोज जारी है। ऐसे में इस महामारी से निजात पाने के लिए कई वैक्सीन के ट्रायल का दौर चल रहा है। बता दें कि अमेरिका में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के एक पैनल ने मॉडर्ना कंपनी द्वारा बनाई जा रही कोरोना वायरस वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। दुनियाभर में कोरोना की वजह से जिस तरह के हालात बने हैं, उसे देखते हुए ये खबर राहत भरी है।  बता दें कि पैनल ने इसे कोविड से निपटने का दूसरा विकल्प बताया है। वहीं समाचार एजेंसी रॉयटर्स द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मंजूरी देने वाली कमेटी ने 20-0 के मत के साथ कहा कि मॉर्डना की ये वैक्सीन 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों में कोरोना के खतरे को कम करने में कारगर है। गौरतलब है कि इसी पैनल ने करीब एक सप्ताह पहले फाइजर और जर्मन पार्टनर BioNTech की वैक्सीन को हरी झंडी दी थी।

Russia Corona Vaccine

फिलहाल मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिलने से कोरोना से निपटने का एक और विकल्प मिल गया है। इसके ट्रायल को लेकर सामने आए नए डेटा में इसे सुरक्षित और कारगर पाया गया है। बता दें कि अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने बीते दिनों मॉडर्ना वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी देने के संकेत दिए थे। वहीं फाइजर की वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। ब्रिटेन में इसका इस्तेमाल भी शुरू हो गया है।

corona Pfizer Vaccine

मॉर्डना के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिलने के बाद अमेरिका में कोरोना जैसी महामारी से निपटने को लेकर उम्मीद बढ़ गई है। बता दें कि दुनियाभर में अमेरिका ही सबसे अधिक कोरोना से प्रभावित रहा। इस वायरस की वजह से अमेरिका में तीन लाख लोग कोरोना की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं। अमेरिका कोरोना की वजह से अभी मौतें जारी हैं, बीते बुधवार को संक्रमण के चलते 3,580 लोगों की मौत हो गई थी।

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