कोरोना के कहर के बीच डब्ल्यूएचओ ने वैक्सीन को लेकर कही ये बात…

दुनिया भर में कोरोनावायरस ने कहर मचा रखा है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि दुनियाभर में 6 वैक्सीन का काम तीसरे पेज में पहुंच गया है।

Avatar Written by: August 7, 2020 11:39 am

वॉशिंगटन। दुनिया भर में कोरोनावायरस ने कहर मचा रखा है। इस घातक वायरस से अब तक 7 लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि पूरी दुनिया में एक करोड़ 80 लाख लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। ऐसे में अब हर किसी की इस खतरनाक बीमारी की वैक्सीन और दवा से उम्मीदें हैं।

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इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि दुनियाभर में 6 वैक्सीन का काम तीसरे पेज में पहुंच गया है। लेकिन डब्ल्यूएचओ का ये भी कहना है कि फिलहाल इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि ये सारी वैक्सीन कामयाब होगी।

यहां पढ़ें दुनिया में कहां-कहां और कितने वैक्सीन पर काम चल रहा है और डब्ल्यूएचओ ने क्या कुछ कहा….

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इस वक्त दुनिया भर में 6 वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल चल रहे है। इसमें से 3 वैक्सीन चीन के हैं। दुनिया भर में फिलहाल 165 वैक्सीन पर काम चल रहा है। जिसके अलग-अलग फेज के ट्रायल चल रहे हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक इस वक्त 26 वैक्सीन ऐसे हैं जिसके क्लीनिकल ट्रायल चल रहे हैं।

CORONA WHO

डब्ल्यूएचओ के मुताबिक फेज 3 में बड़े संख्या में लोगों पर ट्रायल किए जाते हैं। यहां ये पता लगाया जाता है कि आखिर ये वैक्सीन लंबे समय तक और ज्यादा से ज्यादा लोगों पर काम कर रहा है या नहीं। फिलहाल इस बात की गारंटी नहीं है कि तीसरे फेज में ये कामयाब होंगे ही। चीन में जिन तीन वैक्सीन का काम तीसरे चरण में पहुंच गया है वो है- सिनोवैक, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट, सिनोफैरम/बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट।

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अमेरिका की मोडेरना कंपनी ने कोरोना वैक्सीन पर सबसे पहले काम शुरू किया। अब तक की रिपोर्ट के मुताबिक पहले दो फेज के क्लीनिकल ट्रायल से अच्छे नतीजे सामने आए हैं। इस वैक्सीन का मुश्किल और तीसरा पड़ाव 27 जुलाई से शुरू हो गया है।

ऑक्सफोर्ड युनिवर्सिटी की वैक्सीन से पूरी दुनिया को काफी ज्यादा उम्मीदें है। इसके क्लीनिकल ट्रायल अलग-अलग देशों में चल रहे हैं। भारत का सीरम इंस्टिट्यूट भी ऑक्सफोर्ड के इस प्रोजेक्ट में पार्टनर है। भारत की दो वैक्सीन-भारत बायोटेक और जायडस कैडिला ने ह्यूमन ट्रायल की शुरुआत कर दी है। वहीं, भारत बायोटेक कंपनी ने इससे पहले पोलियो, रेबीज, चिकनगुनिया, जापानी इनसेफ्लाइटिस, रोटावायरस और जीका वायरस के लिए भी वैक्सीन बनाई है।