
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी को उनके ‘औरंगजेब प्रेम’ के चलते महाराष्ट्र विधानसभा से निलंबित कर दिया गया है। सपा की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख आजमी ने औरंगजेब की शान में कसीदे पढ़ते हुए कहा था कि वो क्रूर शासक नहीं था, उसने हिंदुओं के लिए मंदिर बनवाए थे। साथ ही आजमी ने गलत इतिहास पढ़ाए जाने का आरोप लगाया था। आजमी के इस बयान के बाद बीजेपी, एकनाथ शिंदे समेत उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी ने भी अबू आजमी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। जिसके बाद अबू आजमी को पूरे बजट सत्र के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया गया।
इससे पहले कल महाराष्ट्र विधानसभा में भी इस मामले को लेकर खूब हंगामा हुआ था। अबू आजमी की औरंगजेब की प्रशंसा के विरोध में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे समेत बीजेपी और शिवसेना यूबीटी विधायकों ने आजमी को सदन से निलंबित किए जाने की मांग उठाई थी। एकनाथ शिंदे ने तो अबू आजमी को देशद्रोही करार दिया था। उनका कहना था कि अबू आजमी ने औरगंजेब की तारीफ करके छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी का अपमान किया है। उनको महाराष्ट्र विधानसभा सदन में रहने का कोई अधिकार नहीं है।
हालांकि विवाद बढ़ता देख अबू आजमी ने वीडियो जारी कर अपने बयान को वापस ले लिया था। सपा विधायक ने कहा था कि कुछ इतिहासकारों के बयान के आधार पर उन्होंने औरंगजेब को लेकर बात की थी, उन्होंने इतिहासकारों के नाम भी बताए थे मगर आज महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों की मांग के चलते अबू आजमी के खिलाफ एक्शन ले लिया। उधर औरंगजेब को लेकर जारी विवाद के बीच कल कांग्रेस के कुछ नेताओं ने अबू आजमी का समर्थन किया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी, इमरान मसूद और उदित राज ने कहा था कि वो अबू आजमी के बयान से सहमत हैं।