Shivsena: कैमरे ने पकड़ ली उर्मिला की चोरी, सारे हिंदू जरूर देखें और पहचानें इसे

Shivsena: आपको बता दें कि धारा के उलट उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) जिस पार्टी में शामिल हुई है वह हिंदूवादी पार्टी के टैग के साथ राजनीति कर रही है। जबकि उर्मिला की सोच इससे पहले हिंदू धर्म को लेकर जो बनी है वह मीडिया के जरिए पहले ही सामने आ चुका है। ये वही उर्मिला मातोंडकर है जिन्होंने एक साक्षात्कार में हिन्दू धर्म (Hindutva) को हिंसक बताया था।

Avatar Written by: December 2, 2020 1:12 pm
Urmila Matondkar

नई दिल्ली।  कांग्रेस का दामन छोड़ने के बाद एक साल तक नई राजनीतिक पारी की शुरुआत के बारे में सोच रही उर्मिला मातोंडकर ने आखिरकार शिवसेना का दामन थाम लिया। इससे पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में उर्मिला कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में थीं और तब उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उस समय उनका बॉलीवुड स्टारडम भी नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जलवे के सामने फीका पड़ गया था। अब उर्मिला ने ऐसे पार्टी का दामन थाम लिया है जो हिंदुत्व की राजनीति करने के लिए जानी जाती है। हालांकि उर्मिला के पार्टी में शामिल होने से पहले ही महाराष्ट्र में कांग्रेस, एनसीपी के साथ गठबंधन कर शिवसेना ने सरकार का गठन तो कर लिया लेकिन तब से उसके हिंदुत्व वाली छवि पर बार-बार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वहीं शिवसेना अब इस कोशिश में है कि वह उर्मिला मातोंडकर को एमएलसी बनाकर विधान परिषद के रास्ते सक्रिय राजनीति तक पहुंचा दे। इससे पहले शिवसेना ने कांग्रेस से राष्ट्रीय प्रवक्ता का पद छोड़कर आई प्रियंका चतुर्वेदी को भी उपहार में राज्यसभा की सीट दी। अब शिवसेना उर्मिला को विधान परिषद में भेजकर यह बताने की जुगत में हैं कि पार्टी में शामिल होनेवाले लोगों के साथ बराबर का न्याय किया जाता है। हालांकि उर्मिला ने जिस पार्टी का दामन छोड़कर शिवसेना का दामने थामा है वह पार्टी अभी महाविकासअघाड़ी का हिस्सा है।

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आपको बता दें कि अपनी विचारधारा के उलट उर्मिला मातोंडकर जिस पार्टी में शामिल हुई है वह हिंदूवादी पार्टी के टैग के साथ राजनीति कर रही है। जबकि उर्मिला की सोच इससे पहले हिंदू धर्म को लेकर जो बनी है वह मीडिया के जरिए पहले ही सामने आ चुका है। ये वही उर्मिला मातोंडकर है जिन्होंने एक साक्षात्कार में हिन्दू धर्म को हिंसक बताया था। अब समय का चक्र ऐसा घूमा कि उर्मिला मातोंडकर को हिंदुत्वा की राजनीति करनेवाली पार्टी शिवसेना का दामन थामना पड़ा।

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इस सब के बीच आपको बता दें कि उर्मिला मातोंडकर ने उस इंटरव्यू में कहा था कि हिंदू दुनिया का सबसे हिंसक धर्म है। जिसके बाद लोगों ने उनके इस बयान की काफी आलोचना की थी। भाजपा के एक नेता की तरफ से उर्मिला के इस बयान के खिलाफ उनपर एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।


लेकिन शिवसेना में शामिल होते ही उर्मिला के सुर हिंदू धर्म को लेकर बदल गए। शिवसेना में शामिल होने के बाद हिंदू धर्म को लेकर उर्मिला ने जो कहा उसे सुनकर आपको अपने कानों पर भरोसा नहीं होगा। उनसे जब शिवसेना में शामिल होने और कट्टर हिंदुत्वा को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि देखिए सेक्यूलर कट्टर हिंदुत्व ये सब एक जगह एक समय पर आकर केवल शब्द बनकर रह जाते हैं। सेक्यूलर होने का मतलब ये नहीं होता कि अपने ही धर्म से नफरत करना या दूसरे के धर्म से नफरत करना। ना हिंदुत्व का मतलब ये होता है कि सिर्फ अपने ही धर्म को लेकर आगे चलना। हिंदू धर्म ही सबसे ज्यादा सहिष्णु और सर्वसमावेशक है। वह मेरा धर्म हिंदू धर्म है। ये सही है और ये सच्चाई है। अगर मैं आज कहती हूं कि वसुधैव कुटुम्बकम तो ये कल्पना ये धारणा मैंने नहीं बनाई है। ये जबसे हिंदू धर्म है जबसे ये भारत देश है वहां ये एक धर्म नहीं हमारा एक बहुत बड़ा आध्यात्मिक बैकग्राउंड रह चुका है। हम वहां से आए हुऐ हैं। ये सारी चीजें हिंदू धर्म में हमेशा से थी और है।

अब तो आप समझ ही गए होंगे कि राजनीतिक पार्टी का साथ बदलते ही हिंदू धर्म को लेकर उर्मिला के विचार कैसे बदल गए उससे भी बड़ी बात जिस शिवसेना ने हिंदुत्व का झंड़ा बुलंद कर महाराष्ट्र में अपनी सियासत की वह कैसे उर्मिला के ऐसे बयानों के नजर अंदाज कर उसे पार्टी में शामिल करने के लिए तैयार हो गई।