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CBI Raid: मनीष सिसोदिया के घर पहुंची CBI, बौखलाए दिल्ली के डिप्टी सीएम बोले- हम…

CBI Raid: सीबीआई आई है। उनका स्वागत है। हम कट्टर ईमानदार हैं। लाखों बच्चों का भविष्य बना रहे हैं। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में जो अच्छा काम करता है उसे इसी तरह परेशान किया जाता है। इसीलिए हमारा देश अभी तक नम्बर-1 नहीं बन पाया।

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नई दिल्ली। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के घर सीबीआई (CBI) पहुंची है। बताया जा रहा है कि सीबीआई राजधानी दिल्ली में 20 ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। सीबीआई की टीम आबकारी घोटाले में छापेमारी कर रही है। खुद मनीष सिसोदिया ने अपने घर पर CBI के पहुंचने के बारे में ट्वीट कर जानकारी दी है। सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, ‘सीबीआई आई है। उनका स्वागत है। हम कट्टर ईमानदार हैं। लाखों बच्चों का भविष्य बना रहे हैं। बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे देश में जो अच्छा काम करता है उसे इसी तरह परेशान किया जाता है। इसीलिए हमारा देश अभी तक नम्बर-1 नहीं बन पाया।’

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आपको बता दें, पिछले दिनों दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना की तरफ से सीबीआई जांच को लेकर सिफारिश की गई थी। एलजी वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव की रिपोर्ट के बाद इस कदम को उठाने का फैसला लिया था। सामने आई इस रिपोर्ट में मनीष सिसोदिया की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं। ध्यान हो कि एक्साइज विभाग मनीष सिसोदिया के ही अधीन है।

मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, ”हम सीबीआई का स्वागत करते हैं। जांच में पूरा सहयोग देंगे ताकि सच जल्द सामने आ सके। अभी तक मुझ पर कई केस किए लेकिन कुछ नहीं निकला। इसमें भी कुछ नहीं निकलेगा। देश में अच्छी शिक्षा के लिए मेरा काम रोका नहीं जा सकता।” ये लोग दिल्ली की शिक्षा और स्वास्थ्य के शानदार काम से परेशान हैं. इसीलिए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और शिक्षा मंत्री को पकड़ा है ताकि शिक्षा स्वास्थ्य के अच्छे काम रोके जा सकें.

अपने अगले ट्वीट में सिसोदिया ने कहा, ”ये लोग दिल्ली की शिक्षा और स्वास्थ्य के शानदार काम से परेशान हैं। इसीलिए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री और शिक्षा मंत्री को पकड़ा है ताकि शिक्षा स्वास्थ्य के अच्छे काम रोके जा सकें। हम दोनों के ऊपर झूंठे आरोप हैं। कोर्ट में सच सामने आ जाएगा।”

गौरतलब हो कि केजरीवाल की शराब नीति सवालों में बनी हुई है। इस नई एक्साइज ड्यूटी में कई तरह की गड़बड़ी के आरोप हैं। कहा जा रहा है कि शराब नीति के जरिए शराब लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया है। लाइसेंस देने के नियमों की भी अनदेखी की गई। टेंडर के बाद  शराब ठेकेदारों के 144 करोड़ रुपए छोड़ दिए गए। रिपोर्ट में तो ये सामने आ गया है कि इस नीति के जरिए कोरोना महामारी के बहाने लाइसेंस की फीस माफी की गई। रिश्वत लेकर शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाने का काम किया गया। आरोप है कि नई आबकारी नीति के तहत लिए गए फैसलों से राजस्व को भी भारी नुकसान हुआ है। सरकार इस नई नीति को शराब कारोबारियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से लाया गया है।

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