कोरोनायोद्धाओं पर कोरोना का कहर, AIIMS के 22 हेल्‍थकेयर स्‍टाफ पाए गए पॉजिटिव

AIIMS में कार्यरत 22 हेल्‍थकेयर स्‍टाफ कोरोनावायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद AIIMS में तैनात 100 से भी ज्‍यादा गार्ड को क्‍वारंटीन कर दिया गया है।

Written by: May 3, 2020 6:21 pm

नई दिल्ली। कोरोनावायरस के मामले देश में बढ़ रहे हैं। लेकिन इस वायरस का शिकार सिर्फ आम लोग ही नहीं बल्कि कोरोनायोद्धा भी हो रहे हैं। कोरोनायोद्धा जो दिन रात देश की सेवा इस वायरस के खिलाफ फ्रंटलाइन में खड़े हैं, वो अब इस वायरस चपेट में आ रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली में स्थित प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान से बड़ी खबर सामने आई है।

अस्‍पताल में कार्यरत 22 हेल्‍थकेयर स्‍टाफ कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके बाद AIIMS में तैनात 100 से भी ज्‍यादा गार्ड को क्‍वारंटीन कर दिया गया है। दिल्‍ली के अस्‍पतालों में काम करने वाले स्‍वास्‍थ्‍य‍कमियों के कोरोना पॉजिटिव आने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले सफदरजंग अस्‍पताल, बाबू जगजीवन राम हॉस्पिटल, अंबेडकर अस्‍पताल, कैंसर इंस्‍टीट्यूट आदि में तैनात डॉक्‍टर और स्‍वास्‍थ्‍यकर्मी कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं।

delhi doctor

इससे पहले हिंदू राव अस्पताल के एक डॉक्टर के अलावा कस्तूरबा हॉस्पिटल में स्नातकोत्तर की एक छात्रा के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की जानकारी मिली थी।इसकी जानकारी अधिकारियों ने शनिवार को दी थी। पिछले एक सप्ताह में अस्पताल की दो नर्सों के भी संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। एक नर्स के संक्रमित पाए जाने के बाद, डॉक्टर सहित 78 अन्य के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। उत्तरी दिल्ली नगर निगम इसे संचालित करता है। कस्तूरबा अस्पताल में स्नातकोत्तर की एक छात्रा भी कोरोना संक्रमित मिलने के बाद संक्रमण के शिकार छात्रों की संख्या दो हो चुकी है।

Corona Doctors

गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली के एम्स का एक रेजिडेंट डॉक्टर इस खतरनाक वायरस की चपेट में आ चुका है। पिछले महीने कोरोना संक्रमित मिले इस डॉक्टर की गर्भवती पत्नी भी कोरोना पॉजिटिव मिली थी। डॉक्टर की पत्नी ने कुछ दिनों बाद बच्चे को भी जन्म दिया। रेजिडेंट डॉक्टर एम्स के साइकोलॉजी डिपार्टमेंट में पदस्थापित थे। कुछ सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में अबतक पाए गए संक्रमित मरीजों में से 31 फीसदी हेल्थकेयर से जुड़े हुए लोग हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार के आगे एक बड़ा संकट है कि आखिर कोरोना के शिकार हो रहे इन कोरोनायोद्धाओं को कैसे बचाया जाए।