पहले रिश्वतखोरी में नपा OSD, अब बस जलाने के दावे पर कोर्ट का शिकंजा, मुश्किल में मनीष सिसोदिया

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया मुश्किल में हैं। पहले सीबीआई ने उनके ओएसडी को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ा। अब दिल्ली की एक कोर्ट ने उनकी ओर से किए गए बस जलाने के विवादित दावे को लेकर पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।

Written by: February 7, 2020 5:17 pm

नई दिल्ली। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया मुश्किल में हैं। पहले सीबीआई ने उनके ओएसडी को रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ा। अब दिल्ली की एक कोर्ट ने उनकी ओर से किए गए बस जलाने के विवादित दावे को लेकर पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।  दरअसल दिल्ली के जामिया इलाके में CAA के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के द्वारा एक वीडियो ट्विट कर दावा किया गया था। दावा इस बात का कि दिल्ली पुलिस ने जामिया हिंसा के समय खुद ही बस में आग लगाई थी। हालांकि बाद में ये दावा झूठा पाया गया था।

manish sisodia

दिल्ली पुलिस के जवान आग बुझाते हुए पाए गए थे। मनीष सिसोदिया ने अधूरा वीडियो मनगढ़ंत तरीके से ट्वीट किया था। इसी बस जलाने के दावे के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में एक वकील ने याचिका दाखिल की थी। इसी याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) दाखिल करने के लिए कहा। कोर्ट अब मामले में 24 फरवरी को करेगा सुनवाई।

Supreme Court

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने राउज एवेन्यू कोर्ट में 156 (3) के तहत दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 153, 153A, 504, 505 और आईटी एक्ट में मामला दर्ज करने की मांग की है।

याचिका में दावा किया गया है कि 15 दिसंबर को हुई हिंसा को लेकर मनीष सिसोदिया ने बिना जांच पड़ताल किए ट्वीट के जरिए झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाई थी। सिसोदिया का ट्वीट ऐसे वक्त आया था जब प्रदर्शनकारी क‌ई बसों में तोड़फोड़ और आगजनी कर चुके थे।