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Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती पर हिंसा रोकने के लिए दिल्ली से बंगाल तक कड़ी सुरक्षा, केंद्र के निर्देश पर सभी राज्य चौकस

आज हनुमान जयंती है। इस पर्व को मनाने के लिए हनुमान भक्त बहुत उत्साहित हैं। वहीं, देशभर के राज्यों में हनुमान जयंती के मौके पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। खासकर रामनवमी के मौके पर जिन राज्यों में हिंसा की घटनाएं देखने को मिली हैं, वहां किसी भी तरह हिंसा को रोकने के लिए बहुत ज्यादा चौकसी बरती जा रही है।

नई दिल्ली। आज हनुमान जयंती है। इस पर्व को मनाने के लिए हनुमान भक्त बहुत उत्साहित हैं। वहीं, देशभर के राज्यों में हनुमान जयंती के मौके पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। खासकर रामनवमी के मौके पर जिन राज्यों में हिंसा की घटनाएं देखने को मिली हैं, वहां किसी भी तरह हिंसा को रोकने के लिए बहुत ज्यादा चौकसी बरती जा रही है। दिल्ली से लेकर बिहार और बंगाल तक कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था सरकारों ने की है। दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती की शोभायात्रा निकलेगी। यहां एक बार हिंसा हुई थी। ऐसे में पुलिस ने आयोजकों के साथ मिलकर कुछ दूरी तक शोभायात्रा निकालने का प्लान तय किया है। दिल्ली पुलिस के जवानों ने जहांगीरपुरी में उपद्रवी तत्वों को हतोत्साहित करने के लिए बुधवार को फ्लैग मार्च भी किया।

पश्चिम बंगाल के हावड़ा और हुगली जिलों में रामनवमी पर जमकर हिंसा हुई थी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य की ममता बनर्जी सरकार को हनुमान जयंती के मौके पर केंद्रीय बल तैनात करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद राज्य सरकार ने 3 कंपनी केंद्रीय बलों की तैनाती की है। सीएम ममता बनर्जी ने सभी जिलों में प्रशासन से कहा है कि सुरक्षा के बीच हनुमान भक्तों को पर्व मनाने का मौका मिलना चाहिए। कहीं भी गड़बड़ी पर सख्त रवैया अपनाने की हिदायत ममता ने पुलिस को दी है। ऐसे में पुलिस बंगाल के सभी संवेदनशील जिलों में अलर्ट है।

sasaram communal violence 1

बिहार में भी रामनवमी के अवसर पर सासाराम और बिहार शरीफ में सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। ऐसे में सीएम नीतीश कुमार के निर्देश पर कड़ी सुरक्षा की गई है। यहां हनुमान जयंती सुरक्षा के साए में होगी। महाराष्ट्र, गुजरात, यूपी और मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी हनुमान जयंती पर तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। केंद्र सरकार ने बीते कल ही सभी राज्यों को एडवायजरी भेजकर हनुमान जयंती पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चौकस रखने के निर्देश दिए थे। जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बलों की तैनाती के लिए भी कहा था।