चीन ने लद्दाख में एकतरफा यथास्थिति बदलने की कोशिश की, दोनों पक्षों में हताहत : विदेश मंत्रालय

भारत व चीन के बीच सोमवार रात गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के तीन जवान शहीद हो गए, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।

Avatar Written by: June 16, 2020 10:12 pm

नई दिल्ली। भारत व चीन के बीच सोमवार रात गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के तीन जवान शहीद हो गए, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। अब भारतीय विदेश मंत्रालय ने चीन पर हमला बोलते हुए कहा है कि चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की यथास्थिति को बदलना चाहता था और चीन की तरफ से यथास्थिति बदलने के प्रयास के नतीजे के रूप में यह हिंसक झड़प हुई। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि चीनी पक्ष द्वारा एकतरफा रूप से एलएसी की स्थिति को बदले का प्रयास किया गया और यथास्थिति बदलने के प्रयास के नतीजे के रूप में एक हिंसक झड़प हुई।

Anurag Shrivastav MEA Spokes Person

श्रीवास्तव ने कहा कि इस झड़प में दोनों पक्षों के सैनिक हताहत हुए जिस स्थिति से बचा जा सकता था। उन्होंने चीन की निंदा करते हुए कहा कि उच्च स्तर पर जो समझौता हुआ था, उसे चीनी पक्ष की ओर से तोड़ा गया।

indo china border

श्रीवास्तव भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्र की स्थिति पर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने ये भी कहा है कि पूर्वी लद्दाख के सीमावर्ती क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए भारत और चीन राजनयिक और सैन्य स्तर पर चर्चा कर रहे हैं।

Anurag Shrivastav MEA Spokes Person

वरिष्ठ कमांडरों ने छह जून को एक बैठक की थी और इस तरह के डी-एस्केलेशन के लिए एक प्रक्रिया पर सहमति व्यक्त की। इसके बाद कमांडरों ने उच्च स्तर पर पहुंची सहमति को लागू करने के लिए कई बैठकें की।

India china army

विदेश मंत्रालय ने चीन को सीधे तौर पर जवाब दे दिया है कि हम एलएसी का पूरा सम्मान करते हैं और चीन को भी ऐसा ही करना चाहिए।

श्रीवास्तव ने कहा, “भारत को सीमा प्रबंधन के लिए जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने के लिए जाना जाता है और यह बहुत स्पष्ट है कि इसकी सभी गतिविधियां हमेशा भारतीय सीमा के भीतर ही होती हैं। हम चीनी पक्ष से भी यही उम्मीद करते हैं।”

India China Clash

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि हम सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और बातचीत के माध्यम से मतभेदों के समाधान की आवश्यकता के बारे में ²ढ़ता से आश्वस्त हैं। साथ ही हम भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को सुनिश्चित करने के लिए भी दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं।