पुलवामा हमले में NIA को मिली बड़ी कामयाबी, पकड़ा गया जैश का आतंकी

आतंकी बिलाल अहमद पुलवामा में ही अपनी आरा मिल चलाता है, और इसी से वो अपना घर भी चलाता था। फिर बीच में आतंकियों के संपर्क में आया और आतंकी संगठन जैश के लिए वो काम करने लगा।

Written by: July 7, 2020 9:29 pm

नई दिल्ली। पुलवामा हमले में केंद्रीय जांच एजेंसी(NIA) को एक बड़ी सफलता मिली है। NIA ने तफ्तीश के बाद बिलाल अहमद कुचेय नाम के आतंकी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में यह सातवीं गिरफ्तारी है। बता दें कि बिलाल अहमद, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी है। NIA अधिकारियों के मुताबिक पुलवामा अटैक में आतंकियों का मददगार था।

pulwama

आतंकी बिलाल अहमद कुचेय को जांच एजेंसी NIA ने जम्मू स्थित NIA की स्पेशल कोर्ट में पेश किया जहां से उसे 10 की रिमांड पर भेज दिया गया है। यानी अब 10 दिनों तक NIA की टीम विस्तार से बिलाल अहमद से पुलवामा हमले सहित अन्य दूसरे आतंकियों के बारे में पूछताछ करेगी और आगे की कार्रवाई को अंजाम देगी।

बता दें कि बिलाल अहमद के खिलाफ काफी तफ्तीश करने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। बिलाल पर ये भी आरोप है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को ये लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया करता था, जिसके चलते पुलवामा जैसे बड़े आतंकी हमले को उन आतंकियों ने अंजाम दिया। 14 फरवरी 2019 को कश्मीर स्थित पुलवामा में जैश ए मुहम्मद आतंकी संगठन के आतंकियों ने एक सोची समझी साजिश के तहत CRPF के काफिले पर हमला किया था।

NIA

पुलवामा हमले में CRPF के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस मामले की तफ्तीश पहले कश्मीर की स्थानीय पुलिस की टीम कर रही थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा केंद्रीय जांच एजेंसी NIA को सौंपा गया था। इस मामले में काफी महीनों की तफ्तीश के बाद पुलवामा अटैक मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी NIA को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। हालांकि NIA की टीम ने पुलवामा अटैक मामले में सातवें आतंकी की गिरफ्तारी की है। पकड़े गए आतंकी बिलाल अहमद मूल रूप से कश्मीर के ही पुलवामा स्थित हाजिबल, काकोपोरा का रहने वाला है।

जांच के दौरान NIA की टीम को इस मामले में पता चला है कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शामिल जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को हमला से पहले और फिर बाद में भी बिलाल अहमद ने ही अपने घर में पनाह दी थी। जिससे आतंकियों को इस साजिश को अंजाम दे सके। NIA मुख्यालय में कार्यरत अधिकारी के मुताबिक जांच एजेंसी को इस मामले में काफी पुख़्ता सबूत भी मिल चुके हैं कि हमले की साजिश बिलाल के घर में ही रची गयी थी।

इतना ही नहीं, हमले को अंजाम देने वाले सभी आतंकियों को बिलाल ने ही सेफ हाउस मुहैया करवाया था। यहां तक कि पुलवामा हमला के पहले और बाद में जिन मोबाइल फोन के जरिये ये आतंकी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में थे, वो फ़ोन उन्हें दिलवाने में बिलाल अहमद ने ही उनकी मदद की थी।

Indian Army

आतंकी बिलाल अहमद पुलवामा में ही अपनी आरा मिल चलाता है, और इसी से वो अपना घर भी चलाता था। फिर बीच में आतंकियों के संपर्क में आया और आतंकी संगठन जैश के लिए वो काम करने लगा। NIA के सूत्र ये भी बताते हैं कि फिदायीन हमले को अंजाम देने वाला आतंकी आदिल अहमद डार का हमले का जो वीडियो वायरल हुआ था, वो वीडियो क्लिप भी उसी मोबाइल फ़ोन से बनाया गया था जो पकड़े गए आतंकी बिलाल अहमद ने उसे दिलवाया था।