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Preparations For Swearing In Ceremony Of Delhi government : दिल्ली के रामलीला मैदान में बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए तैयारियां जोरों पर

Preparations For Swearing In Ceremony Of Delhi government : 20 फरवरी को शाम साढ़े चार बजे दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण होगा। मुख्यमंत्री के साथ कुछ मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम लोग इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

नई दिल्ली। दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर तो अभी सस्पेंस बना हुआ है मगर रामलीला मैदान में बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के लिए तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। 20 फरवरी को शाम साढ़े चार बजे दिल्ली के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण होगा। मुख्यमंत्री के साथ कुछ मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम लोग इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह के संबंध में आज बीजेपी नेता विनोद तावड़े, तरुण चुग और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने एक बैठक की। इस बैठक में आगामी शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों पर चर्चा की गई। शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों को निमंत्रण भेजा जाएगा। साथ ही 200 से अधिक सांसद भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के लिए बहुत बड़ा पंडाल लगाया जा रहा है। साथ ही एक भव्य मंच भी तैयार किया जा रहा है। हजारों की संख्या में कुर्सियां भी रामलीला मैदान पहुंचा दी गई हैं। पंडाल का काम  पूरा होने के बाद कुर्सियों को डाला जाएगा।

उधर, इस बैठक के बाद दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली की कार्यवाहक सीएम आतिशी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना पूछ रही हैं कि मुख्यमंत्री कौन है? मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आप तो कुर्सी पर बैठकर भी सीएम नहीं थीं। यह अकेला एक ऐसा उदाहरण हैं जो कुर्सी पर बैठकर भी मुख्यमंत्री नहीं बनीं। 5 महीनों तक आम आदमी पार्टी का मुख्यमंत्री जेल में रहा, क्या उस समय दिल्ली को बताया था कि कौन मुख्यमंत्री है? आतिशी के पास कहने को कुछ नहीं बचा है। आतिशी किस्मत से दोबारा विधायक तो बन गई हैं मगर उनकी पार्टी के ही लोग उनको नेता प्रतिपक्ष मानने को तैयार नहीं हैं।