राजस्थान में बदला सियासी घमासान, अब ‘मुख्यमंत्री बनाम उपमुख्यमंत्री’ नहीं बल्कि ‘मुख्यमंत्री बनाम राज्यपाल’

राजस्थान में चल रही सियासी उठापटक ने उस समय दिलचस्प मोड़ ले लिया जब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यपाल कलराज मिश्र के दर पर पहुंचे।

Avatar Written by: July 24, 2020 8:54 pm

जयपुर। राजस्थान में चल रही सियासी उठापटक ने उस समय दिलचस्प मोड़ ले लिया जब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का अनुरोध लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यपाल कलराज मिश्र के दर पर पहुंचे लेकिन मिश्र ने उनके अनुरोध का कोई जवाब नहीं दिया है। मीडिया को संबोधित करते हुए, गहलोत ने कहा कि मिश्र एक संवैधानिक पद रखते हैं और इसलिए उन्हें अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर निर्णय लेना चाहिए।

उन्होंने कहा, “उन्हें किसी के दबाव में नहीं आना चाहिए। अन्यथा, अगर जनता राजभवन में घेराव करने आती है, तो हम जिम्मेदार नहीं होंगे।”

Chief Minister Ashok Gehlot meets Governor Kalraj Mishra

गहलोत ने आरोप लगाया, “हमने गुरुवार को राज्यपाल को एक पत्र भेजा था जिसमें उनसे विधानसभा सत्र बुलाने का अनुरोध किया गया था। हमें उम्मीद थी कि वे रात में आदेश जारी करेंगे, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। वह शीर्ष (केंद्रीय) नेताओं के दबाव में यह आदेश नहीं दे रहे हैं।”


गहलोत ने यह भी दावा किया कि राजस्थान के लोग बेचैन हैं क्योंकि सरकार को गिरते देखने की परंपरा कभी नहीं रही। उन्होंने कहा कि यह दुखद है कि राज्यपाल ने अभी तक विधानसभा का सत्र बुलाने का फैसला नहीं किया है।

CM Ashok Gehlot

पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके खेमे के विधायकों के बागी तेवर के बाद गहलोत बहुमत दिखाने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं।