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Rajasthan: राजस्थान की राजनीति में हलचल तेज, गहलोत ने सचिन पायलट को दी ये हिदायत

Rajasthan: बीते दिनों खबर आई थी कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में पायलट और गहलोत के बीच जारी रिश्तों में खटास को खत्म कर लिया गया है, लेकिन  मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह खबर अपुष्ट नजर आती है। इस बीच सीएम अशोक गहलोत ने एक निजी न्यूज चैनल  को इस मुद्दे पर विस्तारपूर्वक बातचीत की है।

नई दिल्ली। इस साल के अंत में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं। लेकिन चुनाव से पहले अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच रिश्तों में जारी तल्खी का भरपूर फायदा बीजेपी उठाने की जुगत में नजर आ रही है। हालांकि, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से दोनों के रिश्तों में जारी तल्खी को दूर करने की भरपूर कोशिश की जा रही है, लेकिन यह कोशिश कभी कामयाब होती नजर आती  है, तो कभी इसमें नाकामयाबी का अक्स भी नजर आता है। जहां बीते दिनों खबर आई थी कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में पायलट और गहलोत के बीच जारी रिश्तों में खटास को खत्म कर लिया गया है, वहीं अब मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह खबर अपुष्ट नजर आती है। इस बीच सीएम अशोक गहलोत ने एक निजी न्यूज चैनल से इस मुद्दे पर विस्तारपूर्वक बातचीत की है। आइए, आगे आपको इसके बारे में  तफसील से बताते हैं।

ASHOK GEHLOT

दरअसल, गत दिनों दौसा में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करने के क्रम में सचिन पायलट ने अशोक गहलोत पर आरोप लगाया था कि ये वसुंधरा राजे के नेता हैं, जिस पर आज सीएम गहलोत ने मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट कर दिया कि हर कोई जानता है कि इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पूरे गांधी परिवार ने मुझे इतना सबकुछ दिया। गांधी परिवार ने मुझे विधायक, प्रदेश अध्य़क्ष और 3 बार राज्य का मुख्यमंंत्री  तक बनाया है। अब ऐसे में कौन क्या कहेगा कि मेरा नेता कौन है। वहीं, गहलोत ने आगे कहा कि जब राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की मौजूदगी में सबकुछ तय हो चुका है, तो लाजिमी है कि सभी लोग शीर्ष नेतृत्व के निर्देशों को मानने के लिए बाध्य रहेंगे। गहलोत ने आगे कहा कि कोई क्या कहता है। मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। वसुंधरा राजे के खिलाफ पांच मामले थे, जिनमें से चार मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। कुछ मामलों में कोर्ट की ओर से फैसला आ चुका है, तो कुछ मामले ईडी के दायरे में है, जिस पर फैसला आना बाकी है।

ashok Gehlot

इस बीच गहलोत से आगामी लोकसभा चुनाव के आलोक में बनाए जा रहे विपक्षी एकता की अगुवाई के संदर्भ में सवाल किया गया जिस पर उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि कोई दो मत नहीं है कि विपक्ष का नेता राहुल गांधी ही होगा। हम  उन्हीं के चेहरे पर चुनाव लड़ेंगे और कोई चेहरा नजर आता नहीं है। राहुल ही एक मात्र चेहरा हैं, जिस पर चुनाव लड़ा जा सकता है, क्योंकि प्रधानमंत्री से सीधी टक्कर वही ले रहे हैं। बहरहाल तो इस तरह से मुख्तलिफ मुद्दों पर राहुल ने अपनी राय जाहिर की। अब ऐसे में आगामी राजस्थान की राजनीतिक परिदृश्य कैसा रहता है। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।